Disclosure: this guide contains Amazon affiliate links. As an Amazon Associate, Anantam IAS earns from qualifying purchases — at no extra cost to you.
Arihant CSAT किताब चुनते समय पहले यह देखें कि आपको तरीका समझना है या पुराने सवालों का अभ्यास करना है। दोनों के लिए अलग किताबें हैं। बुनियादी गणित में दिक्कत हो और आप केवल solved papers खरीद लें, तो जवाब देखने के बाद भी अगला सवाल अपने आप नहीं बनेगा।
अगर सवाल में गणित का संबंध बनाना मुश्किल लगता है या comprehension में गलत विकल्प का कारण नहीं बता पाते, तो मैं Cracking the CSAT Paper II लेने की सलाह दूँगा। बुनियाद ठीक है और अब नियमित अभ्यास चाहिए, तो topicwise solved-paper किताब चुनें। पुरानी manual से समझ आ रही है, तो उसे रख सकते हैं और हाल के आधिकारिक प्रश्नपत्र अलग से ले सकते हैं।
सही Arihant किताब चुनें
Arihant की complete manual और पिछले वर्षों के प्रश्नों वाली किताब अलग उत्पाद हैं। जाँची गई English किताबों के लेखक, ISBN और सवालों का दायरा अलग है। मिलता-जुलता कवर देखकर उन्हें एक ही किताब न समझें।
| किताब | पहचान | किस काम के लिए लें | सीमा |
|---|---|---|---|
| Cracking the CSAT Paper II 2027 | Arihant; Mansi Gupta, Annu Vishwakarma, Mohit Sagar, Radhika Sharma और Dr. Rajesh Rajan; ISBN 9788169711067 | पहले concept समझने, फिर अभ्यास करने के लिए | इसमें बताए गए solved papers 2025 और 2026 के हैं; पूरे PYQ इतिहास के नहीं |
| UPSC IAS Prelims CSAT 2027 (General Studies Paper II) Solved Papers | Arihant; Varun Bali और Santosh Dutt Pandey; ISBN 9788169711913 | 2011 से 2026 तक के सवाल विषय के अनुसार हल करने के लिए | केवल solutions पढ़कर नया तरीका सीखना मुश्किल हो सकता है |
English manual की listing में 10 Crack Sets बताए गए हैं। ये प्रकाशक के बनाए अभ्यास सेट हैं। इन्हें UPSC के आधिकारिक प्रश्नपत्रों से अलग रखें। English solved-paper किताब की listing 16 वर्षों के topicwise संग्रह की है।
Arihant की Hindi-medium 2027 manual का ISBN 9789378166730 है। उसके लेखक Rajesh Priyadershi, Mohit Sagar, Varun Bali, Devesh Sonakar और Dr. Rajesh Rajan हैं। खरीदने से पहले भाषा और ISBN दोनों मिलाएँ। Hindi manual और English solved-paper संग्रह को एक उत्पाद न समझें।
अलग प्रकाशकों की किताबें चुनने के लिए हमारा CSAT booklist देख सकते हैं। यहाँ छोटा फैसला लेना है: Arihant की कौन सी किताब आपकी अभी की दिक्कत दूर करेगी?
पहले अपनी दिक्कत पहचानें
पूरी किताब शुरू करने से पहले एक छोटा अभ्यास करें। उसमें हुई गलतियों से तय होगा कि पहले क्या पढ़ना है।
12 अनदेखे सवाल लें: चार गणित या data interpretation के, चार reasoning के और चार comprehension के। पहले 30 मिनट में हल करें। फिर छूटे हुए सवाल बिना समय सीमा के दोबारा करें। यह पढ़ाई के लिए सुझाया गया अभ्यास है, कोई आधिकारिक कसौटी नहीं।
- बिना समय सीमा के भी जवाब गलत है: उस topic की व्याख्या पढ़ें और तरीका फिर से बनाएँ।
- बिना घड़ी सही, घड़ी के साथ गलत या अधूरा: सवाल पहचानने और गणना का अभ्यास करें। उसके बाद timed practice दोहराएँ।
- जवाब सही, लेकिन कारण साफ नहीं: इसे अभी पक्का कौशल न मानें, खासकर अगर अनुमान लगाया था।
- Passage समझ आया, फिर भी विकल्प गलत चुना: हर विकल्प को passage की बात से मिलाएँ।
CSAT qualifying paper है। इसलिए पूरी किताब खत्म करने के बजाय ऐसा प्रदर्शन बनाएँ जिसमें कुछ गलतियों की गुंजाइश हो। अपने प्रयास के notification में परीक्षा की शर्तें जाँचें। यह छोटा अभ्यास पूरे प्रश्नपत्र के लिए आपकी तैयारी साबित नहीं कर सकता।
हर विषय से एक काम निकालें
हर पढ़ाई सत्र के बाद आपको कोई काम अपने आप करना आना चाहिए। अपनी किताब के index और contents से इन विषयों को ढूँढ़ें। अलग editions में chapter number बदल सकते हैं।
| विषय | अभ्यास में क्या करें | समझ आने की पहचान |
|---|---|---|
| प्रतिशत और अनुपात | बदलाव निकालने से पहले शुरुआती मात्रा लिखें | बता सकें कि लगातार दो प्रतिशत बदलाव सीधे क्यों नहीं कटते |
| औसत और data interpretation | हर का आधार, इकाई और समूहों का आकार देखें | जरूरत होने पर भारित औसत (weighted average) चुन सकें |
| समय, काम और चाल | पहले प्रति इकाई दर निकालें, फिर संख्या रखें | जवाब की इकाई और आकार दोनों सही हों |
| Logical reasoning | दी गई बात और निकाले गए निष्कर्ष को अलग करें | नई मान्यता जोड़े बिना निष्कर्ष साबित कर सकें |
| Comprehension | मुख्य बात लिखें, फिर उससे विकल्प मिलाएँ | अच्छा लगने वाला लेकिन passage से बाहर का दावा छोड़ सकें |
अगर सामान्य गणना में ही समय लग रहा है, तो हमारा R.S. Aggarwal Quantitative Aptitude मार्गदर्शन काम आ सकता है। दूसरी किताब केवल किसी पहचानी हुई कमी के लिए जोड़ें। पूरी-पूरी manuals बदलते रहने से यह देखना मुश्किल होता है कि कमी सुधर रही है या नहीं।
प्रतिशत का सवाल समझकर हल करें
यह हमारा बनाया अभ्यास उदाहरण है, UPSC का सवाल नहीं। एक पुस्तकालय की मासिक सदस्यता ₹500 है। शुल्क पहले 20% बढ़ता है। फिर बढ़े हुए शुल्क पर 20% छूट मिलती है। आखिरी शुल्क कितना होगा?
₹500 जवाब देना आसान लगता है, क्योंकि दोनों प्रतिशत बराबर हैं। लेकिन दोनों का आधार अलग है।
- ₹500 का 20% = ₹100 बढ़ोतरी।
- नया शुल्क ₹500 + ₹100 = ₹600।
- अब छूट ₹600 का 20% है, यानी ₹120।
- आखिरी शुल्क ₹600 – ₹120 = ₹480।
- शुरुआती ₹500 से ₹20 कम हुए, यानी कुल 4% कमी।
अब इसका छोटा तरीका देखें: 1.20 × 0.80 = 0.96। आखिरी शुल्क शुरुआती शुल्क का 96% है। समाधान देखने से पहले बीच की गणनाओं से जवाब जाँचें।
गलती की कॉपी में केवल “प्रतिशत गलत हुआ” न लिखें। लिखें: “दूसरे बदलाव में भी पहला आधार इस्तेमाल किया।” अगले सत्र में अलग प्रतिशत वाला नया सवाल करें। वही संख्या दोहराने से याद किया हुआ जवाब भी सही लग सकता है।
Comprehension में दावे की सीमा देखें
Passage क्या कहता है और आपको क्या ठीक लगता है, दोनों को अलग रखने का अभ्यास करें। यह हमारा बनाया छोटा passage है:
“शाम को आने वाले पाठकों की संख्या बढ़ने पर नगर के पुस्तकालय ने खुलने का समय बढ़ाया। इससे नौकरी करने वाले पाठकों को मदद मिल सकती है। लेकिन पुस्तकालय तक पहुँच परिवहन और मोहल्ले की दूरी पर भी निर्भर करती है।”
विकल्प देखें:
- A. ज्यादा देर खुलने से पुस्तकालय इस्तेमाल करने की सभी बाधाएँ खत्म हो जाती हैं।
- B. ज्यादा देर खुलने से कुछ पाठकों को मदद मिल सकती है, जबकि दूसरी बाधाएँ बनी रहती हैं।
- C. परिवहन ही अकेली वजह है जिससे लोग पुस्तकालय नहीं जा पाते।
- D. अब हर नौकरी करने वाला पाठक पुस्तकालय आता है।
B सही है। Passage सीमित मदद की बात करता है और बची हुई बाधाएँ भी बताता है। A सीमा हटा देता है। C में “अकेली” जोड़ा गया है। D में संभावित मदद को सब लोगों का परिणाम बना दिया गया है। फैसला करने के लिए पुस्तकालयों की बाहरी जानकारी नहीं चाहिए।
किसी असली passage में बहुत पक्का शब्द अपने आप गलत नहीं हो जाता। गलत तब होगा जब passage उसका समर्थन न करे। किताब की व्याख्या पढ़ने से पहले चुने हुए विकल्प के साथ वह वाक्य लिखें जिससे उसे समर्थन मिलता है।
अपनी जरूरत के अनुसार अभ्यास रखें
समय हो तो छह सप्ताह का चक्र रखें। गलतियाँ बची हों तो किसी चरण को दोहराएँ। बुनियाद मजबूत हो तो दो चरण साथ कर सकते हैं।
| चरण | मुख्य काम | क्या तैयार होगा |
|---|---|---|
| सप्ताह 1 | छोटी जाँच और सबसे कमजोर बुनियादी विषय की मरम्मत | कारण के साथ गलतियों की सूची |
| सप्ताह 2 | अनुपात, प्रतिशत, औसत और data interpretation | अपना तरीका लिखकर हल किए नए सवाल |
| सप्ताह 3 | दर वाले सवाल, reasoning और नियमित comprehension | छोटे मिश्रित अभ्यास सेट |
| सप्ताह 4 | हल देखने से पहले topicwise PYQ करें | सुधरे तरीके और अनसुलझे सवाल |
| सप्ताह 5 | समय बाँधकर मिश्रित सेट और जरूरत की पुनरावृत्ति | सही जवाब, छोड़े सवाल और समय की परेशानी का रिकॉर्ड |
| सप्ताह 6 | पूरा प्रश्नपत्र और उसकी ठीक से समीक्षा | सवाल करने का अपना क्रम और छोड़ने का फैसला |
45 मिनट के सत्र में 10 मिनट तरीका सीखें, 20 मिनट खुद सवाल करें और 15 मिनट समीक्षा करें। केवल 25 मिनट हों तो सवाल कम करें, समीक्षा न हटाएँ। Comprehension को नियमित रखें, आखिरी सप्ताह के लिए न छोड़ें।
कॉपी में सवाल का स्रोत, विषय, अपना जवाब, समय, गलती की वजह और अगला काम लिखें। दो या तीन दिन बाद उसी वजह की जाँच नए सवाल से करें। पूरे paper में परिणाम स्थिर नहीं है, तो जिस विषय से परेशानी बन रही है उस पर वापस जाएँ। Qualifying होने से कमजोर बुनियाद सुरक्षित नहीं हो जाती।

सामान्य प्रश्न
शुरुआती विद्यार्थी कौन सी Arihant CSAT किताब लें?
Concept समझना है तो complete manual चुनें। पहले कमजोर विषय पहचानें और solution देखने से पहले सवाल खुद करें।
Manual और solved-paper किताब एक हैं?
नहीं। जाँची गई 2027 English manual का ISBN 9788169711067 है। अलग 2011-2026 topicwise solved-paper संग्रह का ISBN 9788169711913 है।
क्या Arihant की Hindi CSAT manual है?
हाँ। प्रकाशक की Hindi-medium 2027 manual का ISBN 9789378166730 है और लेखकों की टीम अलग है। खरीदने से पहले भाषा और ISBN मिलाएँ।
क्या पुरानी Arihant CSAT किताब बदलनी चाहिए?
उससे समझ आ रही है तो रख सकते हैं। हाल के आधिकारिक papers अलग जोड़ें। कोई जरूरी कमी या सुविधा हो तभी manual बदलें।
क्या छह सप्ताह का क्रम qualifying होने की गारंटी है?
नहीं। यह अपनी जरूरत से बदल सकने वाला अध्ययन क्रम है। पूरे paper के अभ्यास और समीक्षा से तैयारी देखें; छोटा अभ्यास अकेले तैयारी साबित नहीं करता।