जीवन प्रमाण पेंशनभोगियों के लिए आधार पर टिका डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र है। इसे इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) NIC के साथ मिलकर jeevanpramaan.gov.in पर चलाता है। अब पेंशनभोगी को साल में एक बार बैंक या कोषागार में खुद जाकर हाजिर नहीं होना पड़ता। वह आधार से अपनी पहचान साबित करके बताता है कि वह जीवित है। यह पहचान स्मार्टफोन पर चेहरे के स्कैन, उंगलियों के निशान या आंख की पुतली (आइरिस) के स्कैन से होती है। प्रमाण पत्र सीधे पेंशन बांटने वाली एजेंसी के पास पहुंच जाता है। पेंशनभोगी इसका इस्तेमाल सालाना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए करते हैं, ज्यादातर नवंबर में, और बाद में उस प्रमाण पत्र को डाउनलोड करने या जांचने के लिए।
दो बातें लगभग सबको उलझाती हैं। पहली, वेबसाइट जीवन प्रमाण पत्र बना नहीं सकती। आप इसे जीवन प्रमाण ऐप में, किसी केंद्र पर या घर बैठे सेवा के जरिए बनाते हैं, और वेबसाइट सिर्फ बाद में इसे डाउनलोड करने देती है। दूसरी, जीवन प्रमाण उम्र भर के लिए मान्य नहीं होता। हर प्रमाण पत्र के साथ एक नई प्रमाण ID आती है, और जब भी आपकी पेंशन के नियम जीवन प्रमाण पत्र मांगें, आपको नया बनवाना होता है।
जीवन प्रमाण: एक नजर में
नवंबर 2014 से केंद्र के पेंशन प्राधिकरण जीवन प्रमाण को मान रहे हैं। केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय का स्वीकृति वाला परिपत्र 10 नवंबर 2014 का है। पोर्टल का काउंटर दिखाता है कि तब से 12 करोड़ से ज्यादा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बन चुके हैं।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| किसकी सेवा | MeitY; NIC ने बनाई और वही चलाता है (जीवन प्रमाण प्रोजेक्ट, CGO कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली) |
| पोर्टल | jeevanpramaan.gov.in |
| कौन इस्तेमाल कर सकता है | वे पेंशनभोगी जिनका पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण सिस्टम से जुड़ चुका है; दोबारा शादी करने वाले या फिर से नौकरी पाने वाले पेंशनभोगी नहीं |
| कैसे काम करता है | चेहरे, उंगलियों के निशान या आइरिस से आधार सत्यापन |
| कहां बनवाएं | जीवन प्रमाण फेस ऐप, बायोमेट्रिक डिवाइस के साथ PC या Android ऐप, CSC, बैंक या डाकघर, IPPB की घर बैठे सेवा |
| कब | केंद्र के पेंशनभोगियों के लिए हर नवंबर; 80 साल और उससे ज्यादा उम्र वालों के लिए 1 अक्टूबर से |
| फीस | पोर्टल ने कोई फीस प्रकाशित नहीं की; IPPB की घर बैठे सेवा ₹70 |
| हेल्पलाइन | 1800 111 555; jeevanpramaan[at]gov[dot]in |
जीवन प्रमाण कौन इस्तेमाल कर सकता है और इसे कब जमा करें
जीवन प्रमाण केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और दूसरी सरकारी संस्थाओं के पेंशनभोगियों के लिए है, बशर्ते उनका पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण (PSA) इस सिस्टम से जुड़ चुका हो। जुड़ चुकी स्वीकृति और वितरण एजेंसियों की सूची पोर्टल के Circular टैब में है। यह सूची 2014 के केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय और रेल मंत्रालय से शुरू होकर राज्य सरकारों, पोर्ट ट्रस्ट, सरकारी बैंकों और विश्वविद्यालयों तक जाती है।
FAQ एक अपवाद के बारे में साफ है। जिस पेंशनभोगी ने दोबारा शादी की है या जिसे फिर से नौकरी मिली है, वह डिजिटल प्रमाण पत्र इस्तेमाल नहीं कर सकता। उसे पुराने तरीके से वितरण एजेंसी के पास जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है। डिजिटल रास्ता अपनी मर्जी की बात भी है। FAQ इसे जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के मौजूदा तरीकों के साथ एक अतिरिक्त सुविधा कहता है, उनकी जगह लेने वाली व्यवस्था नहीं।
तकनीक से ज्यादा जरूरी समय का नियम है। केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों को पेंशन जारी रखने के लिए हर नवंबर में जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) के 18 जुलाई 2019 के कार्यालय ज्ञापन के बाद से 80 साल और उससे ज्यादा उम्र के पेंशनभोगी 1 अक्टूबर से, यानी एक महीना पहले, जमा कर सकते हैं, ताकि वे नवंबर की भीड़ से बच सकें। SPARSH वाले रक्षा पेंशनभोगी यही काम सालाना पहचान के रूप में करते हैं। उस पोर्टल के अपने स्टेप SPARSH गाइड में दिए गए हैं।
जीवन प्रमाण बनाने के चार तरीके
आप प्रमाण पत्र खुद बना सकते हैं, किसी केंद्र पर बनवा सकते हैं, या किसी की मदद से घर पर बनवा सकते हैं। आपके पास क्या है और आप कितना चल-फिर सकते हैं, उसके हिसाब से चुनिए:
| तरीका | क्या चाहिए | किसके लिए सबसे अच्छा |
|---|---|---|
| जीवन प्रमाण फेस ऐप | Android 10 या उससे ऊपर, या iOS 14 या उससे ऊपर, साथ में AadhaarFaceRd ऐप | स्मार्टफोन वाले पेंशनभोगी, उनके लिए भी जिनकी उंगलियों के निशान घिस गए हैं |
| डिवाइस के साथ Windows PC या Android ऐप | STQC प्रमाणित फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैनर, उसकी RD सेवा के साथ | वे परिवार जिनके पास पहले से बायोमेट्रिक डिवाइस है |
| कॉमन सर्विस सेंटर, बैंक या डाकघर | आधार और पेंशन का ब्योरा; बाकी काम ऑपरेटर करता है | बिना स्मार्टफोन वाले पेंशनभोगी |
| IPPB की घर बैठे सेवा | डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक घर आता है | बहुत बुजुर्ग, बीमार या दिव्यांग पेंशनभोगी |
अब फेस ऐप ही सबसे आम तरीका बन चुका है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के चक्र में 1.91 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्रों में से 1.16 करोड़ चेहरे के सत्यापन से बने, यानी लगभग 60 प्रतिशत। DoPPW मानता है कि चेहरे की जांच ने उन बुजुर्ग पेंशनभोगियों की मदद की है जिनकी उंगलियों के निशान घिस गए हैं।
फेस ऐप से जीवन प्रमाण कैसे जमा करें
नीचे के स्टेप आधिकारिक यूजर मैनुअल और पोर्टल के डाउनलोड पेज के मुताबिक हैं। आप यह काम अकेले कर सकते हैं। मैनुअल कहता है कि पेंशनभोगी खुद ऑपरेटर बन सकता है।
- पोर्टल के DLC FaceAuth पेज पर पक्का कर लीजिए कि आपका फोन शर्त पूरी करता है: Android 10 या उससे ऊपर, या iOS 14 या उससे ऊपर, और फोन रूटेड न हो।
- प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से AadhaarFaceRd इंस्टॉल कीजिए। इंस्टॉल होने के बाद इसका कोई आइकन नहीं दिखता। इसे आप फोन की ऐप सेटिंग में देख सकते हैं।
- जीवन प्रमाण फेस ऐप इंस्टॉल कीजिए और वह जो अनुमतियां मांगे, वे दे दीजिए।
- Device Registration & Operator Identification पूरा कीजिए। यह एक बार का स्टेप है: ऑपरेटर का आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल डालिए, OTP सत्यापित कीजिए, सहमति दीजिए और ऑपरेटर का चेहरा स्कैन कीजिए।
- Pensioner Identification स्क्रीन पर पेंशनभोगी का आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालिए और OTP सत्यापित कीजिए।
- पेंशन का ब्योरा ठीक वैसे ही भरिए जैसा आपके रिकॉर्ड में है: PPO नंबर, पेंशन खाता, वितरण एजेंसी और स्वीकृति प्राधिकरण।
- पेंशनभोगी का चेहरा स्कैन कीजिए। चेहरा घेरे के भीतर रखिए और कहे जाने पर पलक झपकाइए।
- अपनी प्रमाण ID वाले SMS का इंतजार कीजिए। यही ID जमा करने का आपका सबूत है।
प्रमाण पत्र मंजूर होगा या नहीं, यह स्टेप 6 तय करता है। मैनुअल चेतावनी देता है कि गलत जानकारी होने पर वितरण एजेंसी प्रमाण पत्र ठुकरा देती है, चाहे चेहरे का स्कैन सफल रहा हो। अपना पेंशन भुगतान आदेश (PPO) पास रखिए और नंबर उसी से उतारिए, याद के भरोसे टाइप मत कीजिए।
किन दस्तावेजों और ब्योरे की जरूरत है
जीवन प्रमाण जानकारी मांगता है, अपलोड नहीं। FAQ के मुताबिक ये चीजें तैयार रखिए:
- आधार नंबर या वर्चुअल ID, जो जरूरी है।
- OTP और पुष्टि वाले SMS के लिए मोबाइल नंबर।
- PPO नंबर, यानी पेंशन भुगतान आदेश का नंबर।
- पेंशन खाता नंबर और बैंक या डाकघर का नाम।
- पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण और पेंशन वितरण एजेंसी के नाम।
अगर आपके आधार की फोटो या ब्योरा बहुत पुराना है, तो चेहरे का मिलान बार-बार फेल हो सकता है। पहले आधार अपडेट गाइड की मदद से उसे अपडेट कीजिए, फिर दोबारा कोशिश कीजिए।
फीस और समय-सीमा
अपने फोन या कंप्यूटर पर जीवन प्रमाण बनाने के लिए पोर्टल कोई फीस नहीं बताता। CSC या बैंक काउंटर का शुल्क भी वह प्रकाशित नहीं करता, इसलिए ऑपरेटर के काम शुरू करने से पहले पूछ लीजिए।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक वाले घर बैठे रास्ते की फीस प्रकाशित है। डाक विभाग की नवंबर 2025 की PIB विज्ञप्ति के मुताबिक डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक के प्रमाण पत्र बनाने पर ₹70 का मामूली लेन-देन शुल्क लगता है। यह सेवा केंद्र और राज्य सरकार के पेंशनभोगियों के लिए है, उनका बैंक चाहे जो हो। बैंक की दूसरी घर बैठे सेवाएं IPPB नोट में समझाई गई हैं।
समय के बारे में वही विज्ञप्ति कहती है कि प्रमाण पत्र T+1 दिन बाद, यानी बनने के एक दिन बाद, ऑनलाइन देखा जा सकता है। प्रमाण पत्र कितने समय तक मान्य रहेगा, यह पोर्टल तय नहीं करता। FAQ कहता है कि यह आपके पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण के नियमों पर चलता है, जिसका मतलब केंद्र के पेंशनभोगियों के लिए हर साल का नवंबर चक्र है।
अपना जीवन प्रमाण पत्र डाउनलोड कैसे करें और स्टेटस कैसे देखें
पेंशनभोगी के लिए वेबसाइट खुद जो इकलौता काम करती है, वह है डाउनलोड। इसके लिए आपके SMS वाली प्रमाण ID चाहिए।
- jeevanpramaan.gov.in खोलिए और Pensioner Login पर क्लिक कीजिए।
- Pensioner Sign in पेज पर अपनी प्रमाण ID और कैप्चा डालिए।
- Generate OTP पर क्लिक कीजिए और OTP डालिए।
- अपने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र का PDF डाउनलोड कीजिए।
स्टेटस के लिए कोई अलग पेज नहीं है। FAQ कहता है कि प्रमाण पत्र मंजूर हुआ या ठुकराया गया, यह आपको पोर्टल से उसे डाउनलोड करने पर ही पता चलता है। अगर SMS आए कि आपका जीवन प्रमाण ठुकरा दिया गया है, तो अपनी पेंशन वितरण एजेंसी से संपर्क कीजिए। ठुकराए जाने की वजह आम तौर पर गलत ब्योरा होती है, और हल है सही ब्योरे के साथ नई प्रमाण ID बनवाना। प्रमाण पत्र आपको बैंक भेजना नहीं पड़ता, क्योंकि वितरण एजेंसी उसे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पा लेती है।
आम गड़बड़ियां और उनका हल
ये वे दिक्कतें हैं जिनकी बात FAQ और मैनुअल करते हैं, हर एक के हल के साथ:
- “वेबसाइट पर प्रमाण पत्र नहीं बन रहा।” ऐसा जान-बूझकर रखा गया है। ऐप, केंद्र या घर बैठे सेवा इस्तेमाल कीजिए, फिर डाउनलोड के लिए वापस आइए।
- फेस ऐप इंस्टॉल नहीं हो रहा या खुल नहीं रहा। Android 10 या iOS 14 की न्यूनतम शर्त जांचिए। रूटेड फोन काम नहीं करेगा। पक्का कीजिए कि AadhaarFaceRd इंस्टॉल है, क्योंकि उसका कोई आइकन नहीं होता।
- उंगलियों के निशान से सत्यापन बार-बार फेल हो रहा है। चेहरे के सत्यापन पर जाइए, या किसी केंद्र पर आइरिस स्कैनर इस्तेमाल कीजिए।
- सफल स्कैन के बाद भी प्रमाण पत्र ठुकरा दिया गया। PPO, खाते या प्राधिकरण का ब्योरा मेल नहीं खाया। PPO से ब्योरा उतारकर नया प्रमाण पत्र बनाइए।
- पास में कोई केंद्र नहीं है। पोर्टल पर Locate a Centre इस्तेमाल कीजिए, या JPL के बाद अपना पिन कोड लिखकर SMS भेजिए, जैसे JPL 110003, नंबर 7738299899 पर।
- दोबारा शादी या फिर से नौकरी। डिजिटल रास्ता उपलब्ध नहीं है। वितरण एजेंसी के पास पुराने तरीके का जीवन प्रमाण पत्र जमा कीजिए।
शिकायत कहां करें और मदद कहां मिलेगी
ऐप या पोर्टल की हर दिक्कत के लिए जीवन प्रमाण प्रोजेक्ट एक हेल्पलाइन और एक ईमेल देता है:
- फोन: 1800 111 555।
- ईमेल: jeevanpramaan[at]gov[dot]in, या Contact us पेज पर दिया सवाल वाला फॉर्म।
- डाक का पता: जीवन प्रमाण प्रोजेक्ट, 3rd फ्लोर, नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर, A ब्लॉक, CGO कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली 110003।
अगर पेंशन रुक गई है या बैंक प्रमाण पत्र नहीं मान रहा, तो यह पेंशन वितरण एजेंसी (आपकी बैंक शाखा, डाकघर या कोषागार) का मामला है, क्योंकि प्रमाण पत्र पर अमल वही करती है। हेल्पलाइन तकनीकी गड़बड़ी ठीक कर सकती है, लेकिन पेंशन फिर से शुरू नहीं करा सकती।
2026 में जीवन प्रमाण के लिए क्या बदल रहा है
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) अब हर साल 1 से 30 नवंबर तक देश भर में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान चलाता है। 5 नवंबर 2025 को शुरू हुए अभियान 4.0 में 2,000 शहरों और जिलों में लगभग 75,000 कैंप लगे। 30 नवंबर तक 1.54 करोड़ प्रमाण पत्र बने, जिनमें से 91 लाख से ज्यादा चेहरे के सत्यापन से बने। ये कैंप बैंकों, IPPB, रक्षा लेखा महानियंत्रक, रेलवे, EPFO और पेंशनभोगियों के संगठनों ने लगाए। DoPPW की अप्रैल 2026 की समीक्षा ने उस चक्र में 80 साल और उससे ज्यादा उम्र के पेंशनभोगियों के 14 लाख से ज्यादा प्रमाण पत्र गिने।
इसके पीछे की तकनीक भी फैल रही है। UIDAI ने सितंबर 2026 में आधार फेस ऑथेंटिकेशन SDK और टेस्टिंग सैंडबॉक्स जारी किया, जिसकी चर्चा आधार फेस ऑथेंटिकेशन पर नोट में है। इससे और ज्यादा ऐप वही चेहरे की जांच चला सकेंगे जो जीवन प्रमाण इस्तेमाल करता है। पेंशनभोगी के लिए काम की सलाह सीधी है: प्रमाण पत्र तय अवधि की शुरुआत में ही बनवाइए, और अगर आप 80 या उससे ज्यादा के हैं तो 1 अक्टूबर से। प्रमाण ID वाला SMS संभालकर रखिए, और यह पक्का करने के लिए कि काम हो गया, एक दिन बाद PDF डाउनलोड कीजिए। जीवन प्रमाण पत्र भारत की बड़ी पेंशन व्यवस्था में कहां फिट होते हैं, पुरानी पेंशन योजना से लेकर नई UPS और NPS तक, यह अलग नोट्स में समझाया गया है।
सामान्य प्रश्न
जीवन प्रमाण क्या है?
जीवन प्रमाण पेंशनभोगियों के लिए आधार पर टिका डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र है, जिसे MeitY और NIC चलाते हैं। पेंशनभोगी चेहरे, उंगलियों के निशान या आइरिस से पहचान साबित करता है, और प्रमाण पत्र इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पेंशन वितरण एजेंसी तक पहुंच जाता है।
मैं अपना जीवन प्रमाण पत्र कैसे डाउनलोड करूं?
jeevanpramaan.gov.in खोलिए, Pensioner Login पर क्लिक कीजिए, अपनी प्रमाण ID और कैप्चा डालिए, OTP बनाइए और PDF डाउनलोड कीजिए। प्रमाण पत्र बनते ही प्रमाण ID SMS से आ जाती है।
क्या मैं अपने मोबाइल फोन पर जीवन प्रमाण बना सकता हूं?
हां। Android 10 या iOS 14 वाले फोन पर AadhaarFaceRd और जीवन प्रमाण फेस ऐप इंस्टॉल कीजिए, एक बार ऑपरेटर के रूप में रजिस्टर कीजिए और फिर पेंशनभोगी की पहचान चेहरे से साबित कीजिए। फिंगरप्रिंट डिवाइस की जरूरत नहीं पड़ती।
मैं अपना जीवन प्रमाण स्टेटस कैसे देखूं?
अपनी प्रमाण ID से पोर्टल पर प्रमाण पत्र डाउनलोड कीजिए। पोर्टल का FAQ कहता है कि मंजूर हुआ या ठुकराया गया, यह इसी से पता चलता है। ठुकराए जाने की सूचना SMS से भी आती है, और हल है सही ब्योरे के साथ नया प्रमाण पत्र।
पेंशनभोगी जीवन प्रमाण पत्र कब जमा करें?
केंद्र सरकार के पेंशनभोगी इसे हर नवंबर में जमा करते हैं। 80 साल और उससे ज्यादा उम्र के पेंशनभोगी जुलाई 2019 के DoPPW आदेश के तहत 1 अक्टूबर से जमा कर सकते हैं।
क्या जीवन प्रमाण एक साल के लिए मान्य होता है?
यह उम्र भर के लिए मान्य नहीं होता। इसकी मान्यता पेंशन स्वीकृति प्राधिकरण के नियमों पर चलती है, और केंद्र के पेंशनभोगियों के लिए इसका मतलब है हर साल नवंबर चक्र में नया प्रमाण पत्र।
जीवन प्रमाण कौन इस्तेमाल नहीं कर सकता?
जिन पेंशनभोगियों ने दोबारा शादी की है या जिन्हें फिर से नौकरी मिली है, वे डिजिटल प्रमाण पत्र इस्तेमाल नहीं कर सकते और उन्हें पुराने तरीके का जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है। जिन पेंशनभोगियों का स्वीकृति प्राधिकरण सिस्टम से नहीं जुड़ा, वे भी इसे इस्तेमाल नहीं कर सकते।
क्या घर बैठे जीवन प्रमाण बनवाने का कोई शुल्क है?
जब डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक घर पर प्रमाण पत्र बनाता है, तो इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ₹70 का मामूली लेन-देन शुल्क लेता है। फेस ऐप पर खुद बनाने के लिए पोर्टल कोई फीस नहीं बताता।