Opens in a new tab
Join Anantam IAS Channel on Telegram

सरकारी योजनाएँ 2026 — UPSC के लिए संपूर्ण सूची और मुख्य बिंदु

सरकारी योजनाएँ 2026: कृषि, MSME, महिला-बाल, युवा-रोज़गार, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और डिजिटल — 30+ केंद्रीय योजनाओं का बजट 2026-27 आबंटन, उद्देश्य और UPSC angle।

सरकारी योजनाएँ 2026 — UPSC के लिए संपूर्ण सूची और मुख्य बिंदु — UPSC Hindi notes

सरकारी योजनाएँ 2026 (FY 2026-27) के बजट में लगभग ₹16 लाख करोड़ का संयुक्त आबंटन कृषि, ग्रामीण विकास, MSME, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, ऊर्जा, डिजिटल और सामाजिक न्याय की प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को मिला है। ये योजनाएँ या तो केंद्रीय क्षेत्र की (100% केंद्रीय वित्तपोषण) हैं या केंद्र प्रायोजित (राज्य के साथ साझा वित्तपोषण)। UPSC अभ्यर्थी के लिए हर योजना का — लाँच वर्ष, नोडल मंत्रालय, मुख्य उद्देश्य, बजट 2026-27 आबंटन और प्रीलिम्स + मेन्स angle — जानना अनिवार्य है। यह लेख 10 क्षेत्रों में फैली 30 से अधिक प्रमुख योजनाओं का सुसंगठित संकलन है।

परिचय (Introduction)

सरकारी योजनाएँ 2026 — UPSC के लिए संपूर्ण सूची और मुख्य बिंदु — चित्र 1

स्वतंत्रता के बाद से भारत में सरकारी योजनाओं ने ही विकास और कल्याण के बीच पुल का काम किया है। 1950–80 के पंचवर्षीय युग में योजनाएँ केंद्रित और आपूर्ति-प्रधान थीं; 1990 के बाद वे लक्ष्य-आधारित हुईं; और 2014 के बाद इनमें डिजिटल डिलीवरी, DBT, JAM त्रिमूर्ति और outcome-based budgeting का समावेश हुआ है।

2026 में ज़्यादातर बड़ी योजनाएँ या तो “Mission” मोड में चल रही हैं (जल जीवन, ायुष्मान भारत, स्वच्छ भारत 2.0) या नई “PM” ब्रांडेड योजनाओं के रूप में (PM विश्वकर्मा, PM सूर्य घर, PM-JANMAN, PM-DhanDhaanya)। UPSC के लिए इन्हें विषयानुसार समूहित करके याद रखना सबसे प्रभावी रणनीति है।

मुख्य तथ्य एक नज़र में (Quick Facts at a Glance)

  • योजनाओं के प्रकार: Central Sector (CS) — 100% केंद्रीय; Centrally Sponsored Schemes (CSS) — केंद्र-राज्य साझा।
  • 2026-27 केंद्रीय बजट: लगभग ₹50 लाख करोड़; इसमें से कल्याण योजनाओं को ~₹16 लाख करोड़।
  • DBT कवरेज 2026: 1,200+ योजनाओं में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण।
  • JAM त्रिमूर्ति: Jan Dhan + Aadhaar + Mobile — सभी DBT आधारित योजनाओं की रीढ़।
  • CSS पुनर्गठन (2021): 50+ योजनाओं को 28 छत्र (umbrella) योजनाओं में समेकित।
  • Aspirational Districts Programme (2018): 112 ज़िलों पर केंद्रित — 2024 से Aspirational Blocks Programme भी शुरू।
  • Outcome Budget: हर योजना का प्रदर्शन मापन अनिवार्य।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background)

भारत की सरकारी योजनाओं का सफ़र चार चरणों में देखा जा सकता है:

(1) नियोजन युग (1951–1990): औद्योगिक नीति, हरित क्रांति, IRDP, NREP, TRYSEM जैसी आपूर्ति-प्रधान योजनाएँ।

(2) उदारीकरण और लक्षित कल्याण (1991–2004): PMGSY (2000), SGSY, मध्याह्न भोजन योजना (1995), सर्व शिक्षा अभियान (2001)।

(3) अधिकार-आधारित युग (2005–2014): MGNREGA, RTE 2009, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 — कानूनी अधिकार के रूप में कल्याण।

(4) मिशन-मोड और डिजिटल युग (2014 के बाद): स्वच्छ भारत, उज्ज्वला, जन धन, ायुष्मान भारत, PMGKAY, PM विश्वकर्मा — JAM त्रिमूर्ति और DBT पर आधारित।

I. कृषि एवं किसान कल्याण (Agriculture & Farmer Welfare)

सरकारी योजनाएँ 2026 — UPSC के लिए संपूर्ण सूची और मुख्य बिंदु — चित्र 2
योजनालाँचमंत्रालयमुख्य प्रावधान2026-27 आबंटन (अनुमानित)
PM-KISAN2018कृषि एवं किसान कल्याणप्रति किसान परिवार ₹6,000/वर्ष DBT (3 किश्तें)₹65,000 करोड़
PMFBY (फसल बीमा)2016कृषिखरीफ 2%, रबी 1.5%, बागवानी 5% प्रीमियम — शेष सरकार₹16,000 करोड़
PM-AASHA2018कृषिMSP असुरक्षा से बचाव — PSS, PDPS, PPSS तीन घटक₹6,400 करोड़
PMKSY (कृषि सिंचाई)2015जल शक्ति + कृषि“Per Drop More Crop”, सूक्ष्म सिंचाई, watershed₹11,000 करोड़
PM-DhanDhaanya2025कृषि100 कम-उत्पादकता वाले ज़िले — productivity boost₹24,000 करोड़ (6 वर्ष)
PMMSY (मत्स्य)2020मत्स्य पालन“Blue Revolution 2.0”, ₹20,050 करोड़ कुल₹2,800 करोड़
नमो ड्रोन दीदी2023कृषि / ग्रामीण विकास15,000 SHG को कृषि-ड्रोन सब्सिडी₹1,260 करोड़
FPO 10,000 योजना2020कृषि10,000 किसान उत्पादक संगठन का गठन₹6,865 करोड़ कुल

विस्तार के लिए देखें — किसान उत्पादक संगठन (FPO) 10,000 योजना और PM कुसुम — सोलर वाटर पंप एवं किसान सौरीकरण.

II. महिला एवं बाल विकास (Women & Child Development)

योजनालाँचमंत्रालयप्रावधान2026-27 आबंटन
मिशन शक्ति (Sambal + Samarthya)2022WCDवन-स्टॉप सेंटर, SHG-Empowerment, हब फ़ॉर एम्पावरमेंट₹3,150 करोड़
पोषण 2.02021WCDआँगनवाड़ी पुनर्गठन, सक्षम आँगनवाड़ी₹21,200 करोड़
PM मातृ वंदना योजना2017WCDप्रथम जीवित बच्चे के लिए ₹5,000 (तीन किश्तें), द्वितीय बच्ची के लिए ₹6,000₹2,517 करोड़
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ2015WCD + MoHFW + MoEबाल लिंगानुपात सुधार, बालिका शिक्षा₹140 करोड़
उज्ज्वला योजना (PMUY)2016पेट्रोलियमBPL महिला को LPG कनेक्शन; 2026 तक 10 करोड़+ कनेक्शन₹12,200 करोड़
लाडली लक्ष्मी / लखपति दीदी2023ग्रामीण विकासSHG महिलाओं को 3 करोड़ “लखपति” बनाने का लक्ष्य₹2,500 करोड़

बढ़ती शोध-परिप्रेक्ष्य के लिए — महिलाएँ, अवैतनिक देखभाल कार्य और लैंगिक अंतर.

III. युवा एवं रोज़गार (Youth & Employment)

योजनालाँचमंत्रालयप्रावधान2026-27 आबंटन
PMKVY 4.02024 (नया चरण)MSDERPL प्रमाणन, On-the-Job Training, AI/IoT कोर्स₹3,000 करोड़
PM इंटर्नशिप योजना2024कॉर्पोरेट कार्यटॉप 500 कंपनियों में 1 करोड़ इंटर्नशिप, ₹5,000/माह + ₹6,000 एकमुश्त₹2,000 करोड़
रोज़गार मेला2022कार्मिक मंत्रालय10 लाख केंद्रीय रोज़गार-पत्र वितरणनिरंतर
MGNREGA2005ग्रामीण विकास100 दिन की गारंटी मज़दूरी₹86,000 करोड़
DDU-GKY2014ग्रामीण विकासग्रामीण BPL युवा प्लेसमेंट-आधारित स्किलिंग₹2,150 करोड़
NAPS / NATS (शिक्षुता)1961/2016MSDEप्रति अप्रेंटिस ₹1,500 स्टाइपेंड subsidy₹600 करोड़
PM-JANMAN2023जनजातीय कार्यPVTG बस्तियों के लिए ₹24,104 करोड़ का पैकेज₹3,800 करोड़

शिक्षुता प्रशिक्षण — NAPS Apprentice अधिनियम और कौशल विकास इन योजनाओं को बड़े फ्रेम में रखते हैं।

IV. MSME, उद्यमिता और औद्योगिक (MSME & Industry)

योजनालाँचमंत्रालयप्रावधान2026-27 आबंटन
PM विश्वकर्मा2023MSME18 पारंपरिक ट्रेड — ₹15,000 टूलकिट + ₹3 लाख ऋण₹3,500 करोड़
PMEGP2008MSME / KVICManufacturing ₹50 लाख, Service ₹20 लाख तक₹2,300 करोड़
MUDRA2015वित्तशिशु ₹50K, किशोर ₹5L, तरुण ₹20L; “तरुण प्लस” 2024 — ₹20L से ऊपर ₹30L तकrefinance, no separate budget
स्टार्टअप इंडिया2016DPIITDPIIT-recognised startups को tax holiday, FFS₹1,000 करोड़
CGTMSE2000MSME / SIDBIसंपार्श्विक-मुक्त गारंटी ₹5 करोड़ तक (2024 से)corpus funded
PLI Scheme (14 sectors)2020-21विभिन्नMobile, semiconductor, drones, white goods आदि₹17,500 करोड़ (कुल)

उद्यमिता विकास — मुद्रा, AIM, स्टार्टअप इंडिया में इस वर्टिकल का गहरा विश्लेषण है।

V. आवास और शहरी विकास (Housing & Urban Development)

योजनालाँचमंत्रालयप्रावधान2026-27 आबंटन
PMAY-ग्रामीण (PMAY-G)2016ग्रामीण विकास“सबको पक्का घर” — 4.95 करोड़ का नया लक्ष्य 2024-29₹54,500 करोड़
PMAY-शहरी 2.02024MoHUA1 करोड़ शहरी घर — ₹2.30 लाख करोड़ केंद्रीय सहायता (5 वर्ष)₹19,800 करोड़
AMRUT 2.02021MoHUAजल आपूर्ति सार्वभौमीकरण, 100 शहरों में Water-Smart City₹8,000 करोड़
स्मार्ट सिटी मिशन2015MoHUA100 शहर — मार्च 2025 तक मूल लक्ष्य; अब “Smart City 2.0” चर्चा में₹8,000 करोड़
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.02021MoHUA“कचरा-मुक्त शहर,” ODF++₹5,000 करोड़
DAY-NULM2014 (NULM as 2013)MoHUAशहरी SHG, स्ट्रीट वेंडर, स्किल₹730 करोड़
PM SVANidhi2020MoHUAस्ट्रीट वेंडर — ₹10K → ₹20K → ₹50K तीन-स्तरीय ऋण₹500 करोड़

VI. स्वास्थ्य (Health)

योजनालाँचमंत्रालयप्रावधान2026-27 आबंटन
ायुष्मान भारत PM-JAY2018MoHFW₹5 लाख प्रति परिवार सालाना; 2024 से 70+ आयु के सभी वरिष्ठ नागरिक कवर₹9,000 करोड़
HWC / आयुष्मान आरोग्य मंदिर2018 (नाम 2023)MoHFW1.7 लाख प्राथमिक देखभाल केंद्र₹4,200 करोड़
PM-ABHIM2021MoHFWस्वास्थ्य अवसंरचना — ब्लॉक PHC, ज़िला ICU₹4,200 करोड़
National Health Mission2013MoHFWNRHM + NUHM छत्र₹37,200 करोड़
मिशन इंद्रधनुष 5.02014 / 2023MoHFWटीकाकरण कवरेज 90%+NHM के तहत
Tele-MANAS / iGOT2022MoHFWमानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन₹130 करोड़

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज — ायुष्मान भारत PMJAY और जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ता — ASHA, आँगनवाड़ी, ANM इस श्रेणी के संदर्भ-लेख हैं।

VII. शिक्षा (Education)

योजनालाँचमंत्रालयप्रावधान2026-27 आबंटन
PM-SHRI Schools2022MoE14,500 आदर्श स्कूल — NEP 2020 का प्रदर्शन-मॉडल₹7,500 करोड़
समग्र शिक्षा 2.02018 (CSS)MoESSA + RMSA + TE एकीकृत₹41,250 करोड़
PM-USHA2023 (RUSA-replacement)MoEउच्च शिक्षा — मल्टी-डिसिप्लिनरी विश्वविद्यालय₹3,000 करोड़
PM-Vidyalakshmi2024MoE / वित्तकोलेटरल-फ्री शिक्षा ऋण ₹10 लाख तक — 7.5 लाख छात्र/वर्ष₹3,600 करोड़ (5 वर्ष)
मध्याह्न भोजन / PM-POSHAN1995 / 2021MoEप्राथमिक-उच्च प्राथमिक हॉट कुक्ड मील₹12,500 करोड़
NIPUN भारत2021MoE2026-27 तक FLN सार्वभौमीकरणसमग्र शिक्षा के तहत

भारत में डिजिटल शिक्षा — लाभ, चुनौतियाँ और पहलें NEP-संबंधित सुधारों की समीक्षा देता है।

VIII. वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा (Financial Inclusion & Social Security)

योजनालाँचमंत्रालयप्रावधानविशेषता
PMJDY2014वित्त53 करोड़+ खाते (2026), औसत बैलेंस ₹4,300+JAM का “J”
PMJJBY2015वित्त₹2 लाख जीवन बीमा, ₹436/वर्ष18-50 आयु
PMSBY2015वित्त₹2 लाख दुर्घटना बीमा, ₹20/वर्ष18-70 आयु
APY (अटल पेंशन)2015वित्त / PFRDA60 साल बाद ₹1,000-₹5,000 पेंशनअसंगठित क्षेत्र
e-Shram पोर्टल2021श्रम30 करोड़+ असंगठित श्रमिक पंजीकरणUAN आधारित
PM-SYM2019श्रम₹3,000/माह पेंशन (60 के बाद)असंगठित श्रमिक

बारीकी से जानने के लिए — भारत में प्रवासी, अंतरिक प्रवासन और e-Shram ढाँचा.

IX. ऊर्जा एवं पर्यावरण (Energy & Environment)

योजनालाँचमंत्रालयप्रावधानआबंटन / लक्ष्य
PM सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना2024नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा1 करोड़ घरों को रूफ़टॉप सोलर — 300 यूनिट तक मुफ़्त₹75,021 करोड़ कुल
PM-KUSUM2019MNREकिसानों को सौर पंप, सौर ग्रिड₹34,000 करोड़ कुल
National Green Hydrogen Mission2023MNRE5 MMT 2030 तक₹19,744 करोड़
PMUY (उज्ज्वला)2016पेट्रोलियमपहले से (ऊपर महिला सेक्शन में)₹12,200 करोड़
जल जीवन मिशन (JJM)2019जल शक्ति“हर घर नल” — 2024 लक्ष्य संशोधित कर 2026₹67,000 करोड़
AMRIT (Ayushman Bharat टेस्ट?) — see Health————
राष्ट्रीय गंगा मिशन (Namami Gange)2014जल शक्तिगंगा कायाकल्प₹3,400 करोड़
उजाला (UJALA)2015विद्युत9-वाट LED — 100% डिस्ट्रीब्यूशनEESL मॉडल

PM सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन और PM कुसुम पर अलग गहन लेख उपलब्ध हैं।

X. डिजिटल इंडिया एवं शासन (Digital India & Governance)

योजनालाँचमंत्रालयप्रावधान
डिजिटल इंडिया 2.02015 (विस्तारित 2021-26)MeitY₹14,903 करोड़ (5 वर्ष) — IndiaAI, FutureSkills Prime, साइबर-सुरक्षा
IndiaAI Mission2024MeitY₹10,372 करोड़ — GPU compute, foundational models, सेफ AI
BharatNet2011DoT2.6 लाख ग्राम पंचायतों में फ़ाइबर
DigiLocker / UMANG2015 / 2017MeitY / NeGDई-डॉक्यूमेंट + 1,700+ सेवाएँ एकीकृत
CoWIN / Aarogya Setu (legacy)2021 / 2020MoHFWवैक्सीन प्रमाणन; कोविड-काल का डिजिटल पब्लिक गुड्स
ONDC (Open Network for Digital Commerce)2022DPIITइंटरऑपरेबल ई-कॉमर्स प्रोटोकॉल
PM-Wani2020DoTसार्वजनिक Wi-Fi हॉटस्पॉट

तुलनात्मक विश्लेषण (Comparative Analysis)

आयामकेंद्रीय क्षेत्र (CS)केंद्र प्रायोजित (CSS)
वित्तपोषण100% केंद्रकेंद्र-राज्य साझा (आम तौर पर 60:40 या 75:25)
उदाहरणPM-KISAN, PM विश्वकर्मा, PMUYसमग्र शिक्षा, NHM, PMAY, JJM, MGNREGA
क्षेत्राधिकारसंघ सूची विषयसमवर्ती / राज्य सूची
FC-15 की सिफ़ारिशजारी रहना चाहिएसमेकन ज़रूरी (28 छत्र योजनाएँ)

योजनाओं की सहक्रिया और अभिसरण (Convergence Across Schemes)

JAM त्रिमूर्ति के बाद से योजनाएँ अब “अकेली” नहीं चलतीं। उदाहरण:

  • उज्ज्वला + PM-JAY + पोषण 2.0: ग्रामीण महिला और बच्चे का स्वास्थ्य-पोषण-ईंधन एक साथ।
  • PMAY-G + JJM + सौभाग्य + उज्ज्वला: “ग्रामीण घर” का सम्पूर्ण पैकेज।
  • PM-KISAN + PMFBY + PMKSY + e-NAM: कृषि का चार-स्तंभीय ढाँचा।
  • PMKVY + NAPS + PM इंटर्नशिप + विश्वकर्मा: स्किल-टू-जॉब पाइपलाइन।

UPSC उत्तर लिखते समय इन clusters के रूप में योजनाओं को प्रस्तुत करना अंक-बढ़ाऊ रणनीति है।

चुनौतियाँ और आलोचना (Challenges and Criticism)

  • योजनाओं का प्रसार (proliferation): केंद्र की 700+ योजनाएँ — ओवरलैप और मॉनिटरिंग बोझ।
  • राज्य की वित्तीय बाधा: CSS में राज्य अंशदान (40%) कई राज्यों के लिए बोझिल।
  • DBT में leak: आधार-निष्क्रियता, खाता-डॉर्मेंसी, NPCI mapping त्रुटियाँ।
  • डिजिटल विभाजन: ग्रामीण क्षेत्र में इंटरनेट + डिवाइस + साक्षरता की कमी।
  • मूल्यांकन की कमज़ोरी: Outcome Budget उपलब्ध है, पर तीसरे-पक्ष मूल्यांकन सीमित।
  • Branding bias: “PM” प्रत्यय वाली योजनाएँ राजनीतिक चश्मे से देखी जाती हैं।
  • Aspirational Districts मॉडल का scaling: ब्लॉक-स्तर पर डेटा गुणवत्ता और क्षमता-अंतर।

UPSC के लिए प्रासंगिकता (UPSC Relevance)

  • Prelims हुक: हर योजना का लाँच वर्ष, नोडल मंत्रालय, अंतिम लाभार्थी, प्रकार (CS/CSS), ख़ास संख्याएँ (₹6,000 PM-KISAN, ₹5 लाख PM-JAY, ₹3 लाख PM विश्वकर्मा ऋण)।
  • Mains GS-II (Governance): “योजना डिज़ाइन में राज्य की भूमिका,” CSS पुनर्गठन, DBT, JAM त्रिमूर्ति, Aspirational Districts।
  • Mains GS-III (Economy): सब्सिडी ढाँचा, MSP, फ़सल बीमा, MSME ऋण, स्किलिंग।
  • Essay: “कल्याणकारी राज्य से सक्षम राज्य की ओर,” “JAM त्रिमूर्ति और भारत के डिजिटल कल्याण ढाँचे की क्रांति।”

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न (Mains Practice Questions)

  1. JAM त्रिमूर्ति ने भारत में योजना-वितरण के स्वरूप को किस प्रकार बदला है? प्रासंगिक उदाहरणों के साथ समझाइए। (250 शब्द)
  2. भारत में केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) के पुनर्गठन के तर्क और प्रमुख चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। (150 शब्द)
  3. “PM-KISAN, PM विश्वकर्मा और PM-JANMAN — तीनों मिलकर ‘सबसे कमज़ोर वर्गों के औपचारीकरण’ का मॉडल बनाते हैं।” टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)
  4. क्या भारत में योजनाओं की संख्या उनकी प्रभावशीलता पर भारी पड़ रही है? आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

निष्कर्ष (Conclusion)

2026 की सरकारी योजनाएँ अब केवल कल्याण-वितरण के साधन नहीं रहीं — वे विकास के डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) का हिस्सा बन चुकी हैं। JAM त्रिमूर्ति, DBT, ONDC, IndiaAI और GeM जैसे प्लैटफ़ॉर्मों ने योजना-डिलीवरी को outcome-based, पारदर्शी और सर्वव्यापी बनाया है। फिर भी — योजना-प्रसार, राज्य की वित्तीय सीमाएँ और अंतिम-मील की डिजिटल खाई बड़ी चुनौतियाँ हैं। UPSC अभ्यर्थी के लिए सरकारी योजनाएँ केवल “factual MCQ” का विषय नहीं, बल्कि गवर्नेंस, अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय के तीनों पेपर्स में एक केंद्रीय analytical विषय हैं — इसलिए हर योजना को उसके sectoral cluster और पड़ोसी योजनाओं से जोड़कर याद रखना ही ठोस तैयारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

सरकारी योजनाओं के मुख्य प्रकार कौन-कौन से हैं?

दो प्रमुख प्रकार — केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएँ (CS) जिनमें 100% केंद्रीय वित्तपोषण होता है (जैसे PM-KISAN, PM विश्वकर्मा), और केंद्र प्रायोजित योजनाएँ (CSS) जहाँ केंद्र-राज्य का साझा वित्तपोषण होता है (जैसे NHM, PMAY, समग्र शिक्षा)।

2026 में सबसे बड़े बजट वाली योजनाएँ कौन-सी हैं?

MGNREGA (~₹86,000 करोड़), PM-KISAN (~₹65,000 करोड़), PMAY-ग्रामीण (~₹54,500 करोड़), समग्र शिक्षा 2.0 (~₹41,250 करोड़) और NHM (~₹37,200 करोड़) सबसे बड़े आबंटन वाली योजनाओं में हैं।

JAM त्रिमूर्ति क्या है?

JAM = Jan Dhan + Aadhaar + Mobile। यह भारत के डिजिटल कल्याण-वितरण ढाँचे की रीढ़ है, जो 1,200+ DBT योजनाओं को संचालित करता है।

PM-KISAN और PM विश्वकर्मा में क्या अंतर है?

PM-KISAN सीधा cash-transfer है — किसान परिवार को ₹6,000/वर्ष; जबकि PM विश्वकर्मा कारीगरों के लिए स्किल + टूलकिट + ऋण + बाज़ार का बहु-घटकीय पैकेज है।

Aspirational Districts Programme क्या है?

2018 में नीति आयोग द्वारा शुरू — 112 पिछड़े ज़िलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढाँचे के 49 KPIs पर निगरानी। 2024 से Aspirational Blocks Programme (500 ब्लॉक) भी शुरू किया गया।

क्या MGNREGA केंद्रीय क्षेत्र की योजना है?

नहीं। MGNREGA अधिकार-आधारित योजना है — यह 2005 के MGNREGA अधिनियम से उत्पन्न हुई। CSS के समान केंद्र-राज्य बँटवारा है, लेकिन यह क़ानूनी अधिकार है, इसलिए कटौती संभव नहीं।

PMAY-G और PMAY-U में क्या अंतर है?

PMAY-G ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित है (कच्चे घरों वाले परिवारों के लिए); PMAY-U शहरी आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा। 2024 से दोनों के नए चरण शुरू हुए — PMAY-G में 4.95 करोड़ अतिरिक्त, PMAY-U 2.0 में 1 करोड़ शहरी घर।

“PM” वाली नई योजनाओं की सूची क्या है (2023-26)?

PM विश्वकर्मा, PM सूर्य घर मुफ़्त बिजली, PM-DhanDhaanya, PM-JANMAN, PM इंटर्नशिप योजना, PM-Vidyalakshmi, PM-USHA, PM-ABHIM, PM-SHRI, नमो ड्रोन दीदी।

UPSC में योजनाओं को याद रखने का सबसे प्रभावी तरीक़ा क्या है?

Sectoral clustering — कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, MSME, ऊर्जा, डिजिटल आदि क्षेत्रों में योजनाओं को समूहित करें। हर योजना के पाँच बिंदु याद रखें — लाँच वर्ष, मंत्रालय, उद्देश्य, मुख्य संख्या, समस्या/आलोचना।

क्या सभी सरकारी योजनाएँ DBT-आधारित हैं?

नहीं। 1,200+ योजनाएँ DBT-आधारित हैं। कुछ (जैसे PMUY, उज्ज्वला) में in-kind सहायता है (LPG कनेक्शन), जबकि MGNREGA जैसे में पारिश्रमिक DBT से ही जाता है।

Share this

PDF

Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

Specialises in · Writing, web development, design — UPSC prep tooling Experience · 16+ years Visit website ↗

UPSC की तैयारी हिंदी माध्यम में — एक निशुल्क डेमो क्लास

न कोई सेल्स कॉल, न कोई ब्रोशर। सोमवार सुबह की असली GS क्लास देखिए — हमारे अनुभवी शिक्षकों के साथ।