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दीक्षा पोर्टल: लॉगिन, QR वाली किताबें, शिक्षक कोर्स और सर्टिफिकेट

दीक्षा पोर्टल आसान भाषा में: इसे कौन चलाता है, छात्र और शिक्षक रजिस्ट्रेशन कैसे करें, QR वाली किताबें और निष्ठा कोर्स कैसे चलते हैं, और लॉगिन की आम गड़बड़ियाँ कैसे ठीक करें।

Illustration for the DIKSHA guide on Anantam IAS

दीक्षा पोर्टल (DIKSHA, यानी Digital Infrastructure for Knowledge Sharing, पता diksha.gov.in) शिक्षा मंत्रालय के तहत NCERT का राष्ट्रीय स्कूली शिक्षा प्लेटफॉर्म है। इसके साथ इसी नाम का दीक्षा ऐप भी है। छात्र इसे अपनी पाठ्यपुस्तकों से जुड़े वीडियो और अभ्यास के लिए खोलते हैं, और शिक्षक इस पर ऐसे प्रशिक्षण कोर्स करते हैं जिनके अंत में सर्टिफिकेट मिलता है। ज्यादातर लोग यहाँ तीन में से किसी एक काम के लिए आते हैं: रजिस्ट्रेशन या लॉगिन करने, किताब के QR कोड के पीछे की सामग्री खोलने, या निष्ठा जैसा कोई कोर्स पूरा करके उसका सर्टिफिकेट ढूँढ़ने।

आम गलतफहमी यह है कि DIKSHA दिल्ली से चलने वाली एक केंद्रीय वेबसाइट है, जिसका एक ही लॉगिन है। ऐसा नहीं है। यह एक साझा प्लेटफॉर्म है। हर राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और बोर्ड, जिसमें CBSE भी शामिल है, इस पर अपने कोर्स और अपनी सामग्री डालता है। बहुत से शिक्षकों के अकाउंट भी शिक्षक खुद नहीं, बल्कि राज्य बनाता है। इसीलिए पासवर्ड या भूमिका (रोल) की समस्या अक्सर राष्ट्रीय हेल्पडेस्क से नहीं, बल्कि आपके राज्य की DIKSHA टीम से सुलझती है।

दीक्षा पोर्टल: एक नजर में

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने DIKSHA की औपचारिक शुरुआत 5 सितंबर 2017 को की थी, जो भारत में शिक्षक दिवस है। अब यह डिजिटल पढ़ाई के लिए मंत्रालय के PM e-Vidya कार्यक्रम का हिस्सा है।

तथ्यविवरण
किसका पोर्टलNCERT, अपने केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET) के साथ; शिक्षा मंत्रालय
पोर्टल और ऐपdiksha.gov.in; एंड्रॉयड और iOS पर दीक्षा ऐप
कौन इस्तेमाल करता हैछात्र, शिक्षक, अभिभावक, प्रधानाध्यापक और स्कूल अधिकारी
मुख्य सेवाएँQR कोड वाली एनर्जाइज्ड टेक्स्टबुक, वीडियो, अभ्यास प्रश्न, सर्टिफिकेट वाले शिक्षक कोर्स
भाषाएँ135 भाषाओं का सपोर्ट (128 भारतीय, 7 विदेशी)
रजिस्टर्ड यूजर2.25 करोड़, रोज करीब 3 लाख सक्रिय (27 जून 2026 तक)
कोर्स347 कोर्स; 12.79 करोड़ सर्टिफिकेट जारी (27 जून 2026 तक)
शुल्कमदद वाले पेजों में रजिस्ट्रेशन या कोर्स के लिए भुगतान का कोई चरण नहीं बताया गया है
मददsupport[at]teamdiksha[dot]org; वेबसाइट पर Raise a Query

DIKSHA क्या करता है और यह किसके लिए है

DIKSHA पूरी स्कूली पढ़ाई को कवर करता है, बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक। यानी स्कूली शिक्षा का पूरा दायरा इसमें आता है। इसीलिए यह समग्र शिक्षा की योजनाओं में भी दिखता है और राज्यों के शिक्षक प्रशिक्षण कैलेंडर में भी। इसके अलग-अलग हिस्से अलग-अलग लोगों के काम आते हैं:

  • छात्र और अभिभावक बोर्ड, माध्यम, कक्षा और विषय के हिसाब से सामग्री देखते हैं, या किताब के QR कोड से सीधे किसी पाठ तक पहुँच जाते हैं।
  • शिक्षक और प्रधानाध्यापक अपने पेशेवर विकास के लिए सेल्फ-पेस्ड (अपनी रफ्तार से चलने वाले) कोर्स करते हैं और सर्टिफिकेट पाते हैं।
  • राज्य और बोर्ड अपनी सामग्री और कोर्स अपलोड करते हैं, जिन्हें CIET-NCERT समय-समय पर अपने दिशानिर्देशों के हिसाब से जाँचता है।
  • कंटेंट बनाने वाले, जिन्हें यह भूमिका दी गई है, वेबसाइट पर पाठ और कोर्स तैयार करते हैं।

28 जून 2026 की PIB फैक्टशीट के मुताबिक प्लेटफॉर्म पर 7,687 एनर्जाइज्ड टेक्स्टबुक और 3.67 लाख ई-कंटेंट हैं। सबसे ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर उत्तर प्रदेश में हैं, जिनकी संख्या 26.80 लाख है।

दीक्षा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और लॉगिन कैसे करें

ज्यादातर सामग्री आप बिना दीक्षा पोर्टल लॉगिन के भी देख सकते हैं। कोर्स करने, अपनी प्रगति देखने और सर्टिफिकेट पाने के लिए अकाउंट जरूरी हो जाता है। मदद वाले पेज रजिस्ट्रेशन के तीन तरीके बताते हैं:

  • खुद साइन अप, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से।
  • गूगल साइन-इन, अपने गूगल अकाउंट से।
  • राज्य लॉगिन, जहाँ अकाउंट बनाना या उसकी अनुमति देना आपका राज्य या संगठन तय करता है।

खुद साइन अप करने के लिए:

  1. diksha.gov.in खोलिए और पेज के ऊपर Login / Register पर क्लिक कीजिए।
  2. मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से रजिस्टर करना चुनिए, या गूगल साइन-इन इस्तेमाल कीजिए।
  3. मोबाइल या ईमेल पर आया वेरिफिकेशन पूरा कीजिए और एक पासवर्ड बनाइए।
  4. अपनी प्रोफाइल पूरी कीजिए। इसमें अपनी भूमिका, बोर्ड, माध्यम, कक्षा और जगह चुनिए, ताकि सामग्री आपकी जरूरत के हिसाब से दिखे।

अगर आपका अकाउंट राज्य ने बनाया है, तो रजिस्टर्ड मोबाइल या ईमेल पर एक स्वागत संदेश आएगा, जिसमें Set Password का लिंक होगा। मदद वाला पेज SMS भेजने वालों के नाम HP-INDKSH या BZ-DIKSHA बताता है। उस लिंक पर क्लिक कीजिए, पासवर्ड बनाइए और लॉगिन कीजिए।

भूला हुआ पासवर्ड रीसेट करना

साइन-इन वाला FAQ इसका पूरा तरीका बताता है:

  1. साइन-इन पेज पर जाइए और Forgot password पर क्लिक कीजिए।
  2. अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पता डालिए और Reset पर क्लिक कीजिए।
  3. आया हुआ OTP डालिए और Submit पर क्लिक कीजिए।
  4. नया पासवर्ड लिखिए और Reset पर क्लिक कीजिए। इसके बाद आप DIKSHA लाइब्रेरी पेज पर पहुँच जाएँगे।

QR कोड से किताब की सामग्री कैसे खोलें

NCERT की और कई राज्यों की पाठ्यपुस्तकों के पन्नों पर QR कोड छपे होते हैं, जिन्हें आम तौर पर दीक्षा QR कोड कहा जाता है। ये एनर्जाइज्ड टेक्स्टबुक (Energised Textbooks) छपे हुए अध्याय को DIKSHA पर मौजूद वीडियो, इंटरैक्टिव सामग्री और शिक्षक गाइड से जोड़ती हैं।

  1. ऐप पर। दीक्षा ऐप खोलिए और Scan आइकन पर टैप कीजिए, फिर कैमरे को QR कोड की ओर कीजिए। किताब से जुड़ी सामग्री आपके फोन पर खुल जाएगी।
  2. वेबसाइट पर। Enter QR code बॉक्स इस्तेमाल कीजिए। उसमें QR के साथ छपा 6 अंकों का कोड लिखिए और Submit पर क्लिक कीजिए। FAQ यह तरीका कोर्स के QR कोड के लिए बताता है, और यह बिना कुछ खोजे आपको सीधे जुड़े हुए पेज पर ले जाता है।
  3. बिना कोड के। ऐप में Library पर टैप कीजिए। वहाँ आपकी प्रोफाइल में चुने गए बोर्ड, माध्यम और कक्षा की किताबें दिखेंगी।

FAQ सलाह देता है कि किसी दूसरी कंपनी के स्कैनर ऐप के बजाय दीक्षा ऐप से ही स्कैन कीजिए। किताबों के लिए NCERT पाठ्यपुस्तकों पर यह गाइड देखिए।

शिक्षकों के लिए दीक्षा पोर्टल: कोर्स, निष्ठा और सर्टिफिकेट

DIKSHA ट्रेनिंग पोर्टल कोई अलग साइट नहीं है। शिक्षकों के कोर्स इसी प्लेटफॉर्म के भीतर, Courses वाले हिस्से में रखे हैं। ये सेल्फ-पेस्ड हैं, और इन्हें वेबसाइट, मोबाइल ऐप या डेस्कटॉप ऐप पर किया जा सकता है। ऑफलाइन इस्तेमाल के लिए इन्हें डाउनलोड भी किया जा सकता है।

निष्ठा (NISHTHA, यानी National Initiative for School Heads’ and Teachers’ Holistic Advancement) NCERT की सबसे जानी-मानी कोर्स शृंखला है। मंत्रालय ने प्रारंभिक कक्षाओं के शिक्षकों के लिए अक्टूबर 2020 में इसे DIKSHA पर ऑनलाइन कर दिया। जून 2021 तक करीब 24 लाख शिक्षक यह निष्ठा प्रशिक्षण पूरा कर चुके थे, और उनके सर्टिफिकेट अपने-आप बन गए थे। राज्य इसके साथ-साथ शिक्षकों के पेशेवर विकास (TPD) के अपने मॉड्यूल भी जोड़ते हैं।

किसी कोर्स में शामिल होने और उसे पूरा करने के लिए:

  1. लॉगिन कीजिए और Courses टैब खोलिए, या फिल्टर लगाकर कोर्स खोजिए।
  2. कोर्स का विवरण वाला पेज खोलिए और Join Course पर क्लिक कीजिए।
  3. एक-एक करके मॉड्यूल पूरे कीजिए। आपकी प्रगति कोर्स पेज के ऊपर दाईं ओर दिखती है।
  4. जब कोर्स पेज पर Your progress 100% दिखे, तो कोर्स पूरा हो गया। ओवरव्यू पेज के मुताबिक सर्टिफिकेट कोर्स पूरा होने पर, या कोर्स के आकलन में जरूरी स्कोर पाने पर जारी होता है।
  5. पूरे किए गए सारे कोर्स देखने के लिए Profile खोलिए और Course(s) Attended पर जाइए।

जिन कोर्स में आप शामिल हुए हैं, वे My Courses में दिखते हैं। अगर कोर्स के बीच में प्लेटफॉर्म आपसे फिर से लॉगिन करने को कहे, तो देखिए कि आप उसी अकाउंट से हैं जिससे एनरोल किया था। FAQ के मुताबिक यह समस्या उन लोगों को आती है जिनके पास एक से ज्यादा DIKSHA अकाउंट हैं।

भूमिकाएँ, कंटेंट बनाना और दस्तावेज

सीखने वाले के रूप में रजिस्टर करने के लिए कोई दस्तावेज अपलोड नहीं करना होता। असल बात आपकी भूमिका (रोल) है, जो आपके Profile पेज पर दिखती है। Content Creator या समीक्षक जैसी भूमिकाएँ यूजर खुद नहीं चुनता। इन्हें राज्य का ऑर्गनाइजेशन एडमिनिस्ट्रेटर देता है। कंटेंट बनाने का काम भी सिर्फ वेबसाइट पर होता है, क्योंकि ऐप सिर्फ सामग्री देखने के लिए है।

DIKSHA पर अपलोड होने वाली सामग्री पर अनुमति वाले क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस में से कोई एक, या यूट्यूब लाइसेंस होना चाहिए। साथ ही मेटाडेटा में लेखकों का नाम दर्ज होना चाहिए। प्लेटफॉर्म की सारी सामग्री में से सिर्फ PDF सामग्री डाउनलोड करके छापी जा सकती है। इसके लिए Download आइकन पर क्लिक कीजिए, फाइल सेव कीजिए और उसे प्रिंट कर लीजिए।

आम समस्याएँ और उनके हल

  • ऐप में प्रोफाइल सेटिंग या QR स्कैन बटन नहीं दिख रहा। FAQ इन दोनों की वजह पुराना Android System Webview बताता है। इसे गूगल प्ले स्टोर से अपडेट कीजिए।
  • अपनी भूमिका या स्कूल नहीं बदल पा रहे। अपने राज्य के ऑर्गनाइजेशन एडमिनिस्ट्रेटर से कहिए, क्योंकि यूजर अपनी भूमिका खुद नहीं बदल सकते।
  • राज्य वाले अकाउंट के लिए Set Password का संदेश नहीं आया। देखिए कि जो मोबाइल या ईमेल आप जाँच रहे हैं, वही आपके राज्य ने रजिस्टर किया है या नहीं। लिंक सिर्फ वहीं जाता है।
  • कोर्स की प्रगति गायब है। शायद आपने किसी दूसरे अकाउंट से लॉगिन किया है। उसी अकाउंट से साइन इन कीजिए जिससे एनरोल किया था।
  • आपके देश में ऐप उपलब्ध नहीं है। ऐप सिर्फ भारत में जारी किया गया है। उसकी जगह वेबसाइट इस्तेमाल कीजिए।
  • वीडियो डाउनलोड नहीं हो रहा। प्रिंट के लिए सिर्फ PDF सामग्री डाउनलोड होती है। बाकी सामग्री ऐप के भीतर ऑफलाइन इस्तेमाल के लिए सेव की जा सकती है।

मदद कहाँ मिलेगी

मदद वाले पेजों पर एक ही संपर्क दिया है, support[at]teamdiksha[dot]org, और साथ में वेबसाइट का Raise a Query विकल्प है। पोर्टल पर कोई राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर नहीं है। राज्य के अकाउंट, भूमिकाओं और राज्य के प्रशिक्षण कोर्स के लिए आपके राज्य की DIKSHA टीम जल्दी मदद करती है, क्योंकि ये सेटिंग्स राज्य के हाथ में होती हैं। DIKSHA हेल्प सेंटर पर कंटेंट बनाने वालों, समीक्षकों और एडमिनिस्ट्रेटर के लिए यूजर गाइड भी हैं।

2026 में DIKSHA

28 जून 2026 की PIB फैक्टशीट ने DIKSHA को स्कूली शिक्षा के लिए “एक राष्ट्र, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म” बताया और इसकी पहुँच के आंकड़े दिए। 27 जून 2026 तक इस पर 18.77 करोड़ कोर्स एनरोलमेंट, 14.82 करोड़ कोर्स पूरे होने के मामले और 575.25 करोड़ लर्निंग सेशन दर्ज थे। फैक्टशीट ने 614 से ज्यादा वर्चुअल लैब भी गिनाईं, और सांकेतिक भाषा वाले वीडियो और DAISY जैसे सुलभ फॉर्मेट जैसी सुविधाएँ भी। पूरी तस्वीर के लिए देखिए कि छात्रों के रिकॉर्ड यू डाइस प्लस और APAAR ID से कैसे आगे बढ़ते हैं। DIKSHA के साथ मिलकर यही दोनों भारत में डिजिटल शिक्षा का स्कूली हिस्सा बनाते हैं।

ये आंकड़े सीखने से ज्यादा पहुँच के बारे में बताते हैं। सर्टिफिकेट से इतना पता चलता है कि एक मॉड्यूल पूरा हुआ, यह नहीं कि कक्षा में पढ़ाने का तरीका बदला। इसलिए ये कोर्स उस शिक्षक के लिए सबसे ज्यादा काम के हैं जो दो-तीन कोर्स चुनकर उन्हें कक्षा में अपनाता है, न कि उसके लिए जो गिनती बढ़ाने के लिए बीस कोर्स निपटा देता है।

सामान्य प्रश्न

दीक्षा पोर्टल क्या है?

DIKSHA, यानी Digital Infrastructure for Knowledge Sharing, स्कूली शिक्षा के लिए NCERT का राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म है, जो शिक्षा मंत्रालय के तहत चलता है। इस पर छात्रों के लिए पाठ्यपुस्तकों से जुड़े वीडियो और अभ्यास हैं, और शिक्षकों के लिए सर्टिफिकेट वाले प्रशिक्षण कोर्स। यह diksha.gov.in और दीक्षा ऐप दोनों पर मिलता है।

दीक्षा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

diksha.gov.in पर Login / Register पर क्लिक कीजिए और अपने मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से साइन अप कीजिए, या गूगल साइन-इन इस्तेमाल कीजिए। कुछ राज्य शिक्षकों के अकाउंट खुद बनाते हैं और उसकी जगह SMS या ईमेल से Set Password का लिंक भेजते हैं।

DIKSHA का पासवर्ड कैसे रीसेट करें?

साइन-इन पेज पर Forgot password पर क्लिक कीजिए, अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल डालिए और Reset पर क्लिक कीजिए। फिर OTP डालिए, Submit पर क्लिक कीजिए, नया पासवर्ड लिखिए और फिर से Reset पर क्लिक कीजिए।

DIKSHA पर किताब का QR कोड कैसे स्कैन करें?

दीक्षा ऐप खोलिए, Scan आइकन पर टैप कीजिए और उसे अपनी किताब के QR कोड की ओर कीजिए। वेबसाइट पर आप Enter QR code बॉक्स में 6 अंकों का कोड लिखकर Submit पर क्लिक कर सकते हैं।

क्या DIKSHA फ्री है?

मदद वाले पेजों में रजिस्ट्रेशन, सामग्री देखने या कोर्स करने के लिए भुगतान का कोई चरण नहीं बताया गया है। निष्ठा जैसे शिक्षक कोर्स पूरे होने पर अपने-आप सर्टिफिकेट जारी करते हैं।

DIKSHA कोर्स का सर्टिफिकेट कहाँ मिलेगा?

कोर्स तब तक कीजिए जब तक कोर्स पेज पर Your progress 100% न दिख जाए, या आकलन में जरूरी स्कोर न आ जाए। पूरे हुए कोर्स वेबसाइट और ऐप दोनों पर आपकी Profile में Course(s) Attended के नीचे दिखते हैं।

DIKSHA पर निष्ठा क्या है?

निष्ठा, यानी National Initiative for School Heads’ and Teachers’ Holistic Advancement, शिक्षकों के लिए NCERT की प्रशिक्षण शृंखला है। अक्टूबर 2020 में यह DIKSHA पर ऑनलाइन हुई, और जून 2021 तक प्रारंभिक कक्षाओं के करीब 24 लाख शिक्षक इसे पूरा कर चुके थे।

मेरे दीक्षा ऐप में QR स्कैन बटन क्यों नहीं दिख रहा?

DIKSHA का FAQ कहता है कि ऐसा तब होता है जब फोन का Android System Webview पुराना हो। गूगल प्ले स्टोर से Android System Webview अपडेट कीजिए, इसके बाद बटन दिखना चाहिए।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

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