एसएसओ आईडी राजस्थान (SSO ID) वह एक लॉगिन है जो राजस्थान सरकार अपनी ऑनलाइन सेवाओं के लिए नागरिकों, कारोबारियों और अपने कर्मचारियों को देती है। इसे आप एक बार RajSSO पोर्टल पर बनाते हैं, जिसका पता sso.rajasthan.gov.in है और जिसे राज्य का सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग (DoIT&C) चलाता है। फिर उसी यूजरनेम और पासवर्ड से आप ई-मित्र के जरिए प्रमाण पत्र का आवेदन करते हैं, जन आधार अपडेट करते हैं, भर्ती के फॉर्म भरते हैं, राजस्थान संपर्क पर शिकायत दर्ज करते हैं या बिल भरते हैं। 3 नवंबर 2026 को पोर्टल के अपने काउंटर पर 3,44,79,308 पहचान दर्ज दिख रही थीं।
आम गड़बड़ी यह है कि लोग एसएसओ आईडी को कोई दस्तावेज या योजना समझ लेते हैं। यह दोनों में से कुछ नहीं है। यह बस एक यूजरनेम है, जिसे पोर्टल डिजिटल पहचान कहता है, और यह अपने-आप कुछ नहीं करता। असली काम उन ऐप में होता है जिन्हें आप लॉगिन के बाद खोलते हैं। दूसरी गड़बड़ी आईडी के प्रकार को लेकर है। नागरिक की एसएसओ आईडी और सरकारी कर्मचारी की एसएसओ आईडी अलग-अलग ऐप खोलती हैं। ऊपर से पुरानी गाइडें अब भी फेसबुक, ट्विटर और भामाशाह से साइन-अप का तरीका बताती हैं, जो रजिस्ट्रेशन पेज पर अब है ही नहीं।
RajSSO पोर्टल क्या करता है
राजस्थान एसएसओ पोर्टल, यानी RajSSO, एक मुख्य दरवाजा है। यह जांचता है कि आप कौन हैं, और फिर आपको उस विभाग के ऐप तक पहुंचा देता है जिसे आप चुनते हैं। इसलिए हर ऐप के लिए अलग पासवर्ड याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| पोर्टल | sso.rajasthan.gov.in (राजस्थान सिंगल साइन ऑन) |
| कौन चलाता है | सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग, राजस्थान सरकार |
| लॉगिन का नाम | Digital Identity (SSOID/ Username), साथ में पासवर्ड और 6 अंकों का कैप्चा |
| रजिस्ट्रेशन के रास्ते | नागरिकों के लिए जन आधार या गूगल, राज्य कर्मचारियों के लिए SIPF |
| पोर्टल पर ऐप | 430 G2G और 272 G2C/G2B ऐप (काउंटर, 3 नवंबर 2026) |
| शुल्क | पोर्टल पर कहीं भी रजिस्ट्रेशन का कोई शुल्क नहीं दिखाया गया है |
| पासवर्ड नीति | 8 से 30 अक्षर, कम से कम हर 60 दिन में बदलना होगा |
| SMS से रिकवरी का नंबर | 9223166166 |
| हेल्पडेस्क का समय | कामकाजी दिन, सुबह 10 से शाम 6 बजे तक |
G2G का मतलब है सरकार से सरकार, यानी अफसरों के इस्तेमाल वाले ऐप, जैसे खजाने के काम के लिए IFMS। G2C/G2B का मतलब है सरकार से नागरिक और सरकार से कारोबार, यानी वे ऐप जिन्हें आम लोग इस्तेमाल करते हैं। पोर्टल का FAQ कहता है कि सरकारी एसएसओ आईडी से दोनों तरह के ऐप खुलते हैं, जबकि नागरिक की एसएसओ आईडी से सिर्फ G2C ऐप खुलते हैं।
पोर्टल छोटे-छोटे कदमों में बढ़ा है। इसके रिलीज नोट्स बताते हैं कि वर्जन 1.0 1 मई 2015 को आया, जिसने ई-मित्र, RTI, राज संपर्क और कुछ दूसरे सिस्टम को एक लॉगिन से जोड़ दिया। जन आधार से रजिस्ट्रेशन 24 दिसंबर 2019 को शुरू हुआ। 2 नवंबर 2026 तक पोर्टल वर्जन 47.7 पर पहुंच गया था, और लगभग हर हफ्ते किसी नए विभाग का ऐप जुड़ रहा था। “एक लॉगिन, कई सेवाएं” वाले विचार की यह सबसे साफ मिसालों में से एक है, जिस पर भारत में ई-गवर्नेंस वाले नोट में चर्चा की गई है।
आपको कौन-सी एसएसओ आईडी चाहिए
रजिस्ट्रेशन पेज दो टैब के साथ खुलता है। सही टैब इस पर टिका है कि आप कौन हैं, इस पर नहीं कि आज आपको कौन-सी सेवा चाहिए।
- Citizen/ Udhyog: आम निवासियों, छात्रों, नौकरी के उम्मीदवारों, किसानों और कारोबारों के लिए। इसके नीचे दो विकल्प हैं, जन आधार और गूगल।
- Govt. Employee: राजस्थान सरकार के मौजूदा कर्मचारियों के लिए। इस टैब में बस एक विकल्प दिखता है, SIPF, जो राज्य का बीमा और भविष्य निधि वाला सिस्टम है। FAQ के मुताबिक सरकारी एसएसओ आईडी कर्मचारी आईडी से बनती है।
पोर्टल के FAQ के दो नियम यह चुनाव तय करते हैं। पहला, एक आधार नंबर, मोबाइल नंबर या ईमेल सिर्फ एक एसएसओ आईडी में रह सकता है। इसलिए एक परिवार एक ही फोन नंबर पर दो लोगों का रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकता। दूसरा, नागरिक आईडी से G2G ऐप नहीं खुलते। इसलिए जिस कर्मचारी ने सालों पहले नागरिक के तौर पर रजिस्ट्रेशन किया था, उसे वहां दफ्तर वाले ऐप मिलने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।
जन आधार वाले रास्ते पर लिखा है “Only for Residents of Rajasthan State, India”, यानी सिर्फ राजस्थान के निवासियों के लिए। गूगल वाले रास्ते पर लिखा है “All Others (including above)”, यानी बाकी सब के लिए, ऊपर वाले भी शामिल। इसी वजह से दूसरे राज्यों के आवेदकों के लिए, जैसे राजस्थान की किसी भर्ती का फॉर्म भरने वाले उम्मीदवारों के लिए, यही रास्ता है।
जन आधार से एसएसओ आईडी रजिस्ट्रेशन कैसे करें
राजस्थान के ज्यादातर परिवार यही रास्ता अपनाते हैं, क्योंकि विवरण सीधे परिवार के जन आधार रिकॉर्ड से आ जाता है। जो फोन जन आधार से जुड़ा है, उसे पास रखिए। अगर आपके पास अभी जन आधार नंबर नहीं है, तो जन आधार गाइड में बताया गया है कि परिवार कैसे नामांकन करता है और अपना ई-कार्ड कैसे डाउनलोड करता है।
- रजिस्ट्रेशन पेज sso.rajasthan.gov.in/register खोलिए।
- Citizen/ Udhyog वाला टैब ही चुना रहने दीजिए।
- “Please select an option for Registration” के नीचे Jan Aadhaar पर क्लिक कीजिए।
- “JanAadhaar ID/ Enrolment No.” वाले बॉक्स में अपना नंबर लिखिए और Next पर क्लिक कीजिए।
- OTP से पुष्टि कीजिए। अगर जन आधार में आपका अपना मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो पोर्टल पूछता है कि क्या OTP परिवार के मुखिया के मोबाइल पर भेजा जाए। Yes तभी चुनिए जब वह फोन आपके पास हो।
- पोर्टल जो बाकी स्टेप दिखाए, उन्हें पूरा कीजिए। नीचे दी गई नीति के हिसाब से पासवर्ड रखिए, और पोर्टल जो एसएसओ आईडी दे, उसे नोट कर लीजिए।
OTP के बाद वाली स्क्रीनें सार्वजनिक नहीं हैं, इसलिए यह गाइड उनके फील्ड के नाम नहीं बताती। अपनी एसएसओ आईडी फोन के अलावा कहीं और भी लिखकर रखिए। रिकवरी की ज्यादातर परेशानी भूले हुए यूजरनेम से शुरू होती है, भूले हुए पासवर्ड से नहीं।
गूगल से या कर्मचारी के तौर पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें
गूगल वाला रास्ता हर उस व्यक्ति के लिए ठीक है जिसके पास राजस्थान का जन आधार नहीं है, और यह राजस्थान के निवासियों के लिए भी चलता है। उसी रजिस्ट्रेशन स्क्रीन पर Google पर क्लिक कीजिए, और उस गूगल अकाउंट से साइन इन कीजिए जिसे आप जोड़ना चाहते हैं। ऐसा निजी अकाउंट इस्तेमाल कीजिए जो पांच साल बाद भी आपके हाथ में रहे, क्योंकि आगे चलकर रिकवरी उसी से जुड़े विवरण के रास्ते होती है।
राज्य कर्मचारी Govt. Employee टैब पर क्लिक करें और फिर SIPF पर। पोर्टल का FAQ इस पहचान को कर्मचारी आईडी से जोड़ता है। जिस कर्मचारी के पास नागरिक वाली एसएसओ आईडी भी है, वह दोनों रख सकता है, लेकिन दफ्तर के ऐप के लिए उसे सरकारी आईडी ही इस्तेमाल करनी चाहिए।
एसएसओ आईडी राजस्थान में लॉगिन कैसे करें
लॉगिन स्क्रीन तीन चीजें मांगती है, और यहां पासवर्ड से ज्यादा लोग कैप्चा में अटकते हैं। एसएसओ आईडी लॉगिन के स्टेप ये हैं।
- sso.rajasthan.gov.in खोलिए और Login to RajSSO पर क्लिक कीजिए।
- “Digital Identity (SSOID/ Username)” में अपनी एसएसओ आईडी लिखिए।
- अपना पासवर्ड लिखिए।
- 6 अंकों का कैप्चा भरिए। अगर वह पढ़ने में न आए तो “Refresh Captcha” दबाइए, या सुनने के लिए “Speak Captcha” दबाइए।
- Login पर क्लिक कीजिए। डैशबोर्ड पर आपके ऐप की सूची आ जाती है। किसी पर भी क्लिक कीजिए, वह दोबारा लॉगिन मांगे बिना खुल जाएगा।
Login बटन के नीचे Meri Pehchaan (मेरी पहचान) का बटन है। यह आपको RajSSO पासवर्ड की जगह भारत सरकार के सिंगल साइन ऑन से लॉगिन कराता है। इसे तभी इस्तेमाल कीजिए जब आपका मेरी पहचान अकाउंट पहले से आपकी एसएसओ आईडी से जुड़ा हो।
एसएसओ आईडी या पासवर्ड भूल गए
RajSSO में रिकवरी की दो अलग स्क्रीनें हैं, और दोनों के साथ SMS वाला छोटा रास्ता भी है।
खोई हुई एसएसओ आईडी वापस पाने के लिए:
- लॉगिन पेज पर “I Forgot my Digital Identity (SSOID)” पर क्लिक कीजिए।
- वही टैब चुनिए जिससे आपने रजिस्ट्रेशन किया था: Citizen, Udhyog या Govt. Employee।
- वह तरीका चुनिए जिससे रजिस्ट्रेशन हुआ था, यानी जन आधार, आधार या गूगल, और जो विवरण मांगा जाए वह भरिए।
- एसएसओ आईडी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल या ईमेल पर भेज दी जाती है।
SMS वाला रास्ता ज्यादा तेज है। अगर आपकी एसएसओ आईडी भूल गए हैं, तो अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से RJ SSO लिखकर 9223166166 पर भेजिए।
पासवर्ड दोबारा सेट करने के लिए:
- “I Forgot my Password” पर क्लिक कीजिए।
- अपनी एसएसओ आईडी लिखिए, या mail.rajasthan.gov.in वाला अपना सरकारी ईमेल।
- Mobile या Email (Personal) चुनिए, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लिखिए, कैप्चा भरिए और आगे बढ़िए।
यहां भी SMS वाला रास्ता काम करता है: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से RJ SSO PASSWORD लिखकर 9223166166 पर भेजिए। पोर्टल पर दोनों SMS सेवाओं के साथ एक शर्त लिखी है: आपने 7 सितंबर 2018 के बाद कम से कम एक बार एसएसओ में लॉगिन किया हो। बहुत पुरानी और कभी इस्तेमाल न हुई आईडी को स्क्रीन वाले रास्ते से ही वापस पाना होगा।
पासवर्ड के नियम और अकाउंट लॉक होना
RajSSO की पासवर्ड नीति 11 दिसंबर 2025 से लागू है। यह ज्यादातर लोगों की सोच से ज्यादा सख्त है, और “मेरा पासवर्ड अचानक चलना बंद हो गया” वाली बहुत-सी शिकायतों की वजह यही है।
- लंबाई 8 से 30 अक्षर हो, और उसमें एक बड़ा अक्षर, एक छोटा अक्षर, एक अंक और एक खास चिह्न हो।
- उसमें मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, परिवार का नाम, या एसएसओ आईडी से ही बनी कोई चीज न हो।
- कम से कम हर 60 दिन में पासवर्ड बदलना ही होगा।
- अपने पिछले पांच पासवर्ड में से कोई भी दोबारा नहीं रख सकते।
- लगातार पांच बार गलत पासवर्ड डालने पर अकाउंट 30 मिनट के लिए लॉक हो जाता है, जब तक RajSSO हेल्पडेस्क उसे पहले न खोल दे।
यह नीति मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) की भी सलाह देती है। रिलीज नोट्स बताते हैं कि मार्च 2024 में एसएसओ के MFA में आधार से चेहरे की पहचान जोड़ी गई, और मई 2025 में सरकारी यूजर के लिए समय पर आधारित OTP जोड़ा गया।
एसएसओ से खुलने वाले ऐप
ज्यादातर लोग RajSSO तक इसलिए पहुंचते हैं क्योंकि किसी दूसरी सेवा ने उन्हें वहां भेजा होता है। नीचे वे ऐप हैं जिनके बारे में पाठक सबसे ज्यादा पूछते हैं, साथ में वह हेल्पडेस्क जो हर ऐप के आगे पोर्टल पर लिखा है।
| एसएसओ पर ऐप | कौन इस्तेमाल करता है | यह क्या करता है | दिया गया हेल्पडेस्क |
|---|---|---|---|
| ई-मित्र | नागरिक और कियोस्क चलाने वाले | प्रमाण पत्र, बिल और विभागों की कई सेवाएं | 0141-2922238, 0141-2922241 |
| जन आधार | परिवार | फैमिली आईडी का नामांकन, ई-केवाईसी, अपडेट और ई-कार्ड | 0141-2850287 |
| भर्ती पोर्टल (Recruitment Portal) | नौकरी के उम्मीदवार | राज्य की भर्तियों के आवेदन | RPSC 0145-2635200, RSSB 0141-2722520, बाकी 9352323625 |
| राज संपर्क 2.0 | नागरिक | शिकायतें और सेवाओं के आवेदन | 181, 0141-2921375 |
| IFMS | राज्य कर्मचारी (G2G) | खजाना, वेतन और बजट का काम | 0141-2924501 |
लॉगिन करने की सबसे आम वजह प्रमाण पत्र है। आवेदन से पहले साइट की निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र वाली गाइड देख लीजिए, जिनमें बताया गया है कि हर प्रमाण पत्र क्या साबित करता है। बिजली-पानी जैसे बिलों के लिए पोर्टल का FAQ नागरिक ऐप के नीचे Bill Payments टैब की तरफ इशारा करता है।
राजस्थान के हर पोर्टल के लिए एसएसओ जरूरी नहीं है। अपना खाता पर जमाबंदी की मुफ्त नकल के लिए बस नाम, मोबाइल नंबर और OTP चाहिए। जन सूचना पोर्टल, जहां राज्य योजनाओं और लाभार्थियों का डेटा छापता है, बिना लॉगिन के भी खोजा जा सकता है।
अपनी प्रोफाइल अपडेट करना
आपकी प्रोफाइल में वही मोबाइल नंबर और ईमेल होते हैं जिनसे RajSSO रिकवरी करता है, इसलिए दोनों को हमेशा ताजा रखिए। पोर्टल का FAQ साफ कहता है कि अपडेट किया हुआ मोबाइल और ईमेल ही आपको खोई हुई एसएसओ आईडी या पासवर्ड वापस दिलाते हैं।
ये विवरण बदलने के लिए लॉगिन कीजिए और डैशबोर्ड से अपनी प्रोफाइल खोलिए। असली स्क्रीनें लॉगिन के पीछे हैं, इसलिए यह गाइड उनके नाम नहीं बताती। एक ही नंबर वाला नियम याद रखिए: जो मोबाइल नंबर किसी दूसरी एसएसओ आईडी में पहले से है, वह आपकी आईडी में नहीं जुड़ेगा। अगर दिक्कत नाम या जन्मतिथि बदलने की है, तो पहले उसे जड़ से ठीक कीजिए, यानी जन आधार में या खुद आधार में, क्योंकि प्रोफाइल का डेटा इन्हीं रिकॉर्ड से आता है।
आम गलतियां और उनका हल
एसएसओ की ज्यादातर दिक्कतें इनमें से ही कोई एक होती हैं।
- “Invalid Captcha. Please try again.” कैप्चा 6 अंकों का होता है और हर कोशिश पर बदल जाता है। उसे रिफ्रेश कीजिए और नया वाला लिखिए।
- अकाउंट लॉक हो गया। पांच बार लॉगिन गलत होने पर अकाउंट 30 मिनट के लिए लॉक हो जाता है। इंतजार कीजिए, फिर दोबारा अंदाजा लगाने की जगह “I Forgot my Password” इस्तेमाल कीजिए।
- SMS से रिकवरी का कोई जवाब नहीं आया। SMS उसी मोबाइल से भेजिए जो आपकी एसएसओ प्रोफाइल में रजिस्टर्ड है, और यह तभी चलेगा जब आपने 7 सितंबर 2018 के बाद लॉगिन किया हो।
- OTP गलत फोन पर जा रहा है। जन आधार वाले रास्ते पर OTP उसी नंबर पर जाता है जो जन आधार में दर्ज है। जन आधार में मोबाइल अपडेट कराइए, या पूछे जाने पर परिवार के मुखिया का मोबाइल मान लीजिए।
- “Mobile already registered.” यह नंबर किसी दूसरी एसएसओ आईडी में पहले से है। नई आईडी बनाने की जगह वही पुरानी आईडी वापस पाइए।
- दफ्तर वाले ऐप गायब हैं। आप नागरिक वाली एसएसओ आईडी में हैं। सरकारी ऐप सिर्फ उस कर्मचारी आईडी में दिखते हैं जो Govt. Employee टैब से बनी हो।
- दोपहर में पोर्टल नहीं खुल रहा। RajSSO अपने लॉगिन पेज पर तय रखरखाव की सूचना लगाता है। 3 नवंबर 2026 को ऐसी एक सूचना में दोपहर 1 से 2 बजे तक पोर्टल बंद रहने की बात कही गई थी। वह समय निकलने के बाद फिर कोशिश कीजिए।
हेल्पडेस्क और शिकायत कहां करें
शुरुआत उसी ऐप के हेल्पडेस्क से कीजिए जिसमें दिक्कत आई, क्योंकि RajSSO सिर्फ लॉगिन संभालता है। पोर्टल की Helpdesk Details वाली सूची में कई सौ ऐप हैं, और हेल्पडेस्क कामकाजी दिनों में सुबह 10 से शाम 6 बजे तक चलते हैं।
- लॉगिन और एसएसओ आईडी की दिक्कतें: आपके जिले का RajSSO हेल्पडेस्क। जयपुर का नंबर 0141-2928239 है और ईमेल [email protected] है। बाकी जिलों में भी यही पैटर्न है, जैसे अजमेर का 0141-2929201।
- कोई सेवा वाला ऐप: ऊपर की तालिका में उस ऐप के आगे लिखा नंबर।
- किसी विभाग के खिलाफ शिकायत: टोल-फ्री 181 पर राजस्थान संपर्क।
हेल्पडेस्क की सूची लंबी है, इसलिए फुटर वाले लिंक से उसमें जिले या ऐप के नाम से खोजिए। अगर आपका इलाका किसी नए जिले में चला गया है, तो राजस्थान के जिलों की सूची काम आएगी, क्योंकि कई नए जिलों का अब अपना RajSSO हेल्पडेस्क है।
सामान्य प्रश्न
एसएसओ आईडी राजस्थान क्या है?
यह एक ही यूजरनेम है, जिसे डिजिटल पहचान कहा जाता है, और यह राजस्थान सरकार के ई-मित्र, जन आधार, भर्ती और राजस्थान संपर्क जैसे ऐप खोलता है। इसे आप sso.rajasthan.gov.in पर एक बार बनाते हैं और सबके लिए एक ही पासवर्ड इस्तेमाल करते हैं।
राजस्थान में एसएसओ आईडी कैसे बनाएं?
रजिस्ट्रेशन पेज खोलिए, Citizen/ Udhyog टैब रहने दीजिए और जन आधार या गूगल चुनिए। जन आधार वाले रास्ते में आप अपनी जन आधार आईडी या नामांकन नंबर लिखते हैं, OTP से पुष्टि करते हैं और पासवर्ड रखते हैं। राज्य कर्मचारी Govt. Employee टैब और SIPF विकल्प इस्तेमाल करते हैं।
क्या दूसरे राज्यों के लोग राजस्थान की एसएसओ आईडी बना सकते हैं?
हां। जन आधार वाला विकल्प सिर्फ राजस्थान के निवासियों के लिए है, लेकिन गूगल वाले विकल्प पर बाकी सब के लिए लिखा है। इसलिए दूसरे राज्य का आवेदक गूगल अकाउंट से रजिस्ट्रेशन कर सकता है।
एसएसओ आईडी भूल गए तो उसे कैसे पता करें?
लॉगिन पेज पर ‘I Forgot my Digital Identity (SSOID)’ पर क्लिक कीजिए और वह तरीका चुनिए जिससे रजिस्ट्रेशन किया था। या अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से RJ SSO लिखकर 9223166166 पर भेजिए। यह तभी चलता है जब आपने 7 सितंबर 2018 के बाद कम से कम एक बार लॉगिन किया हो।
एसएसओ आईडी का पासवर्ड दोबारा कैसे सेट करें?
‘I Forgot my Password’ इस्तेमाल कीजिए, अपनी एसएसओ आईडी लिखिए और नया पासवर्ड पाने के लिए मोबाइल या निजी ईमेल चुनिए। आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से RJ SSO PASSWORD लिखकर 9223166166 पर भी भेज सकते हैं।
मेरी एसएसओ आईडी लॉक क्यों हो गई?
पासवर्ड नीति के मुताबिक लगातार पांच बार गलत लॉगिन करने पर अकाउंट लॉक हो जाता है। लॉक 30 मिनट तक रहता है, जब तक RajSSO हेल्पडेस्क उसे खोल न दे। इसलिए बार-बार अंदाजा लगाने की जगह इंतजार कीजिए और फिर पासवर्ड दोबारा सेट कीजिए।
क्या एसएसओ आईडी बनाने का कोई शुल्क है?
पोर्टल पर एसएसओ आईडी बनाने का कोई शुल्क नहीं दिखता। पैसा सिर्फ कुछ खास सेवाओं के अंदर लगता है, जैसे ई-मित्र की सेवा का शुल्क या किसी भर्ती का आवेदन शुल्क।
नागरिक की एसएसओ आईडी और सरकारी एसएसओ आईडी में क्या फर्क है?
नागरिक की एसएसओ आईडी से सिर्फ नागरिक वाले ऐप खुलते हैं, जिन्हें पोर्टल G2C ऐप कहता है। सरकारी एसएसओ आईडी कर्मचारी आईडी से बनती है, और उससे G2G वाले दफ्तर के ऐप और G2C ऐप, दोनों खुलते हैं।
क्या एक मोबाइल नंबर से दो एसएसओ आईडी बन सकती हैं?
नहीं। पोर्टल का FAQ कहता है कि एक आधार नंबर, मोबाइल नंबर या ईमेल सिर्फ एक एसएसओ आईडी में इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए परिवार के हर सदस्य को अपना अलग नंबर चाहिए, या फिर पहले से बनी आईडी को वापस पाना चाहिए।