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ईसीआईनेट: वोटर फॉर्म, ई-एपिक डाउनलोड, बीएलओ से कॉल बुक करना और SIR

ईसीआईनेट आसान भाषा में: चुनाव आयोग के इस एक ऐप ने किन ऐप की जगह ली, लॉगिन, वोटर फॉर्म, ई-एपिक डाउनलोड, बीएलओ से कॉल और SIR नोटिस का जवाब।

Illustration for the ECINET guide on Anantam IAS

ईसीआईनेट भारत निर्वाचन आयोग (ECI) का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो मतदाताओं, उम्मीदवारों और चुनाव अधिकारियों, तीनों के लिए बना है। यह Android और iOS पर मोबाइल ऐप के रूप में मिलता है, और वेब पर ecinet.eci.gov.in पर। इसने आयोग के 40 से ज्यादा पुराने ऐप और पोर्टल, जिनमें वोटर हेल्पलाइन ऐप और सी-विजिल भी हैं, एक ही लॉगिन में समेट दिए हैं। लोग ईसीआईनेट ऐप को ज्यादातर नए वोटर कार्ड के लिए आवेदन करने, किसी प्रविष्टि को ठीक कराने, ई-एपिक डाउनलोड करने, मतदाता सूची में अपना नाम देखने और अपने बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से कॉल मंगवाने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

ज्यादातर लोग ईसीआईनेट से पहली बार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मिलते हैं। इसलिए वे मान लेते हैं कि यह SIR का ऐप है। ऐसा नहीं है। SIR इस पर चलने वाला एक काम भर है। रजिस्ट्रेशन, सुधार, ई-एपिक, उम्मीदवारों के हलफनामे, मतदान के रुझान और शिकायतें, सब इसी एक प्लेटफॉर्म पर हैं। वोटर फॉर्म अब भी सिटीजन सर्विस पोर्टल (voters.eci.gov.in) पर खुलते हैं, जिसका लिंक ईसीआईनेट देता है। इसलिए जो मतदाता दोनों पते जानता है, वह भटकेगा नहीं।

ईसीआईनेट: एक नजर में

आयोग ने ईसीआईनेट की घोषणा 4 मई 2025 को की। उसी जून में उपचुनावों में इसके मॉड्यूल आजमाए गए। फिर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव और SIR के दौरान इसका बीटा चला। और 22 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर हुए भारत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।

तथ्यविवरण
किसका प्लेटफॉर्मभारत निर्वाचन आयोग, अनुच्छेद 324 के तहत बनी संवैधानिक संस्था
वेब पताecinet.eci.gov.in; वोटर फॉर्म voters.eci.gov.in (सिटीजन सर्विस पोर्टल) पर
ऐपगूगल प्ले और ऐपल ऐप स्टोर पर ईसीआईनेट
लॉन्चघोषणा 4 मई 2025; औपचारिक लॉन्च 22 जनवरी 2026
कानूनी आधारलोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960, निर्वाचनों का संचालन नियम 1961
भाषाएं22 अनुसूचित भाषाएं और अंग्रेजी
मुख्य नागरिक सेवाएंवोटर फॉर्म, आवेदन ट्रैक करना, ई-एपिक डाउनलोड, बीएलओ से कॉल बुक करना, मतदाता सूची में नाम खोजना, सी-विजिल, अपने उम्मीदवार को जानिए
फीसपोर्टल वोटर फॉर्म या ई-एपिक के लिए कोई फीस नहीं दिखाता
हेल्पलाइन1950; राष्ट्रीय संपर्क केंद्र 1800-11-1950 (सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक); [email protected]

ईसीआईनेट ने किसकी जगह ली और यह क्या करता है

ईसीआईनेट कोई नई सेवा नहीं, कई सेवाओं का विलय है। आयोग की मई 2025 की विज्ञप्ति में उन ऐप की सूची थी जो इसमें मिलाए जाने थे, और इन सबके मिलाकर 5.5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड थे: वोटर हेल्पलाइन ऐप, वोटर टर्नआउट ऐप, सी-विजिल, सुविधा 2.0, ESMS, सक्षम और नो योर कैंडिडेट (KYC) ऐप। इनके साथ वोटर्स सर्विस पोर्टल और ERONET जैसे वेब पोर्टल भी थे। अब कई लॉगिन की जगह एक लॉगिन है।

ईसीआईनेट का होम पेज नागरिक सेवाओं को दो शीर्षकों में बांटता है। Voter Services के नीचे ये सेवाएं हैं:

  • Voter Registration Forms, नए नामांकन, नाम हटाने और सुधार के लिए।
  • Track Your Application, जमा करने के बाद फॉर्म का हाल देखने के लिए।
  • Voter Card Complaints, एपिक से जुड़ी दिक्कतों के लिए।
  • Search Your Name in Voter List, नामांकन और मतदान केंद्र का ब्योरा पक्का करने के लिए।
  • Book a call with BLO, ताकि आपका बूथ अधिकारी आपको वापस फोन करे।
  • Divyang (Saksham), दिव्यांग मतदाताओं के लिए।
  • Download e-Voter Card (e-EPIC), डिजिटल वोटर ID के लिए।

About Elections के नीचे अपने उम्मीदवार को जानिए (हलफनामे), सुविधा (दलों और उम्मीदवारों के लिए अनुमतियां), मतदान रुझान (वोटर टर्नआउट), आदर्श आचार संहिता की शिकायत (सी-विजिल) और चुनाव नतीजे और आंकड़े हैं। यही प्लेटफॉर्म Official Login और Login using QR (For BLO Only) के जरिए अधिकारियों का काम भी करता है। इस पर डेटा अधिकृत अधिकारी ही डालते हैं। आयोग की अपनी विज्ञप्ति कहती है कि अगर कभी दोनों में टकराव हो, तो वैधानिक फॉर्म ही मान्य होंगे।

सबसे ज्यादा बदलाव अधिकारियों वाले हिस्से में आया है। जून 2025 के उपचुनावों में पीठासीन अधिकारियों ने मतदान केंद्रों से सीधे वोटर टर्नआउट के आंकड़े अपलोड किए। निर्वाचन क्षेत्रों के इंडेक्स कार्ड हफ्तों की जगह नतीजों के 72 घंटे के भीतर आ गए। मतदाता के लिए इसका दिखने वाला असर यह है कि मतदान के रुझान जल्दी आते हैं और स्टेटस अपडेट होता रहता है।

ईसीआईनेट पर रजिस्टर और लॉगिन कैसे करें

शुरू करने के लिए मोबाइल नंबर चाहिए। एपिक नंबर हो तो मदद मिलती है, लेकिन पहली बार आवेदन करने वाले के लिए यह जरूरी नहीं है। नीचे के स्टेप सिटीजन सर्विस पोर्टल की उन स्क्रीन के मुताबिक हैं, जो ईसीआईनेट की वोटर सेवाएं खोलती हैं।

  1. ईसीआईनेट ऐप खोलिए या voters.eci.gov.in पर जाइए और Sign-Up चुनिए।
  2. Indian Resident Elector या Indian Overseas Elector चुनिए।
  3. अपना Mobile number, चाहें तो Email address, और Captcha डालिए। फिर Continue पर क्लिक करके OTP सत्यापित कीजिए।
  4. अगली बार ईसीआईनेट लॉगिन के लिए Login चुनिए, अपना Registered Mobile No./Email ID/EPIC No. और कैप्चा डालिए, और Request OTP पर क्लिक कीजिए।

ऐसा मोबाइल नंबर डालिए जो आगे भी आपके पास रहे। आगे का हर स्टेप, ई-एपिक डाउनलोड से लेकर एपिक डिलीवरी के SMS अपडेट तक, आपके नाम पर दर्ज नंबर पर आने वाले OTP से ही चलता है।

ईसीआईनेट पर वोटर फॉर्म: आपको कौन-सा चाहिए

फॉर्म नंबर तय करता है कि आपकी प्रविष्टि का क्या होगा, इसलिए शुरू करने से पहले सही फॉर्म चुन लीजिए। सिटीजन सर्विस पोर्टल हर फॉर्म के बारे में अपने शब्दों में यह बताता है:

फॉर्मयह क्या करता हैकौन इस्तेमाल करता है
फॉर्म 6नए मतदाता का रजिस्ट्रेशन18 साल या उससे ज्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति, या जो कुछ महीनों में 18 का होने वाला है
फॉर्म 6Aनए मतदाता का रजिस्ट्रेशन (प्रवासी भारतीय)विदेश में रह रहे वे भारतीय नागरिक, जिन्होंने दूसरी नागरिकता नहीं ली है
फॉर्म 7सूची से नाम हटानाकिसी प्रविष्टि पर आपत्ति, या अपना ही नाम हटवाना
फॉर्म 8प्रविष्टियों में सुधार, नया एपिक, पता बदलना, दिव्यांग के रूप में दर्ज करनापहले से दर्ज मतदाता
फॉर्म M और फॉर्म 12Cविशेष मतदान केंद्र या डाक मतपत्रकश्मीरी प्रवासी मतदाता

ज्यादातर लोगों को फॉर्म 8 की ही जरूरत होती है, और इसी को लेकर सबसे ज्यादा उलझन होती है। एक ही निर्वाचन क्षेत्र में या दूसरे क्षेत्र में पता बदलना हो, नाम की वर्तनी ठीक करानी हो या कार्ड खो गया हो, ये सब फॉर्म 8 से होते हैं, नए फॉर्म 6 से नहीं। अगर आपका नाम पहले से दर्ज है और आप फॉर्म 6 भरते हैं, तो दोहरी प्रविष्टि का खतरा है, जो बाद में गड़बड़ी के रूप में सामने आती है।

SIR के दौरान फॉर्म 6 में एक अतिरिक्त घोषणा भी होती है। आयोग के 26 सितंबर 2026 के प्रेस नोट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने उस घोषणा को सही ठहराया है। SIR की अवधि के बाहर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 में तय फॉर्म ही लागू होते हैं। अगर आपके आधार का ब्योरा उससे अलग है जो आप फॉर्म में भर रहे हैं, तो पहले आधार अपडेट गाइड की मदद से उसे ठीक कीजिए। नाम और तारीख का मेल न खाना ही वह सबसे आम वजह है, जिससे बीएलओ किसी आवेदन पर सवाल उठाता है।

ईसीआईनेट पर ई-एपिक कैसे डाउनलोड करें

ई-एपिक मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) का PDF रूप है। आप इसे फोन में रख सकते हैं, डिजिलॉकर में सहेज सकते हैं या प्रिंट कर सकते हैं। नीचे के स्टेप आयोग के ई-एपिक FAQ और पोर्टल के मौजूदा लेबल के मुताबिक हैं।

  1. ईसीआईनेट ऐप या सिटीजन सर्विस पोर्टल पर लॉगिन कीजिए।
  2. E-EPIC Download चुनिए (ईसीआईनेट के होम पेज पर यह Download e-Voter Card (e-EPIC) के नाम से दिखता है)।
  3. अपना एपिक नंबर डालिए। अगर हाल में आवेदन किया है और एपिक नंबर अभी नहीं मिला, तो फॉर्म रेफरेंस नंबर डालिए।
  4. मतदाता सूची में दर्ज मोबाइल नंबर पर आया OTP सत्यापित कीजिए और फिर डाउनलोड कीजिए।
  5. अगर आपका मोबाइल नंबर सूची में दर्ज नहीं है, तो ई-KYC पूरा कीजिए। यह फेस-लाइवनेस जांच है, जो आपकी लाइव फोटो को एपिक की फोटो से मिलाती है। इसके बाद आप अपना मोबाइल नंबर अपडेट करके डाउनलोड कर सकते हैं।

FAQ दो काम के नियम और बताता है। एक ही मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने वाले परिवार के सदस्य उसी नंबर पर अपना-अपना ई-KYC कर सकते हैं। और अगर ई-KYC फेल हो जाए, तो हल ऑफलाइन है: नंबर अपडेट कराने के लिए फोटो ID लेकर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के पास जाइए।

आवेदन ट्रैक करना, एपिक डिलीवरी और समय-सीमा

फॉर्म जमा करने के बाद Track Application Status दिखाता है कि आवेदन बीएलओ और ERO के पास कहां तक पहुंचा। फॉर्म 6 या फॉर्म 8 पर फैसले की कोई समय-सीमा पोर्टल खुद नहीं बताता। यह सत्यापन और आपके राज्य के पुनरीक्षण कार्यक्रम पर निर्भर करता है।

आयोग ने जो तय किया है, वह मंजूरी के बाद का समय है। 18 जून 2025 को घोषित SOP के तहत मतदाता सूची में अपडेट होने के 15 दिन के भीतर भौतिक एपिक पहुंचाया जाना है, चाहे नया नामांकन हो या ब्योरे में बदलाव। कार्ड डाक विभाग के जरिए जाता है, जो ईसीआईनेट से जुड़ा है, और हर चरण पर आपको SMS मिलता है। अगर कार्ड देर से आए, तो ई-एपिक पहले से ही साथ रखने के लिए मान्य है।

अगर मतदान के दिन आपके पास न कार्ड है, न ई-एपिक, तो आयोग की 7 अक्टूबर 2025 की अधिसूचना आपको 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों में से किसी एक के साथ वोट डालने देती है, जैसे आधार, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या PAN कार्ड। शर्त वही रहती है: आपका नाम सूची में होना चाहिए।

बीएलओ से कॉल बुक करना और ईसीआईनेट पर दूसरी मदद

Book a Call with BLO वह सुविधा है जो मतदाता का अनुभव सबसे ज्यादा बदलती है। आप ईसीआईनेट पर अनुरोध डालते हैं और आपका बूथ लेवल ऑफिसर आपको वापस फोन करता है। आयोग की 29 अक्टूबर 2025 की विज्ञप्ति ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और ERO को ये अनुरोध 48 घंटे के भीतर निपटाने का निर्देश दिया।

इसे तब इस्तेमाल कीजिए जब फॉर्म जमीनी सत्यापन पर अटका हो, जब आपको अपना नाम न मिल रहा हो, या जब आपको SIR का नोटिस मिला हो और वह समझ न आ रहा हो। बीएलओ वह अधिकारी है जो घर आता है, सत्यापन करता है और SIR के दौरान अब आपके दरवाजे पर ही दस्तावेज भी लेता है। जो दिक्कतें बीएलओ के हाथ में नहीं हैं, जैसे ERO का गलत फैसला, वे नीचे बताए शिकायत के रास्तों से ऊपर जाती हैं।

ईसीआईनेट और SIR: नोटिस, दस्तावेज और पश्चिम बंगाल

SIR मतदाता सूची का नए सिरे से, दस्तावेजों पर टिका पुनरीक्षण है, जिसे विशेष गहन पुनरीक्षण नोट में समझाया गया है। ईसीआईनेट सिटीजन सर्विस पोर्टल पर SIR के दो लिंक देता है: Search Your Name in Last SIR और Submit Document Against Notice issued।

जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, उनके नियम 26 सितंबर 2026 को बदले। आयोग ने तय किया कि जिस व्यक्ति को मैप न होने या तार्किक गड़बड़ियों के लिए नोटिस मिला है, उसे सामान्य सुनवाई के लिए ERO के दफ्तर नहीं बुलाया जाएगा। बीएलओ घर आएगा, दस्तावेज लेगा और ERO के फैसले के लिए उन्हें ईसीआईनेट पर अपलोड करेगा। अगर ERO किसी खास मामले में सुनवाई का आदेश दे, तो वह जहां तक हो सके ऑनलाइन होगी, और परिवार का कोई भी बालिग सदस्य मतदाता की ओर से उसमें शामिल हो सकता है। घर से दस्तावेज लेने भर से नाम जुड़ना अपने आप तय क्यों नहीं हो जाता, यह साइट के इन फैसलों पर करंट अफेयर्स नोट में समझाया गया है।

उसी प्रेस नोट में दर्ज है कि SIR 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हो चुका है, जिनमें बिहार और पश्चिम बंगाल भी हैं। वहां का कोई मतदाता जो छूट गया, या कोई पहली बार का मतदाता, लगातार अपडेट (continuous updation) की व्यवस्था में फॉर्म 6 के साथ ERO को आवेदन करता है, ईसीआईनेट से या खुद जाकर। सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में SIR के आदेश को सही ठहराया, जिसकी जानकारी SIR फैसले पर नोट में है।

ईसीआईनेट पर आम गड़बड़ियां और उनका हल

ये वे दिक्कतें हैं जिनकी बात आधिकारिक FAQ और प्रेस नोट करते हैं, हर एक के हल के साथ:

  • OTP नहीं आ रहा। OTP सूची में दर्ज नंबर पर जाता है। उसे अपडेट करने के लिए ई-KYC कीजिए, या अगर आपका दूसरा ब्योरा भी ठीक कराना है तो फॉर्म 8 भरिए।
  • एपिक नंबर नहीं है। उसे खोजने के लिए Search Your Name in Voter List इस्तेमाल कीजिए, या हाल के आवेदन के लिए फॉर्म रेफरेंस नंबर इस्तेमाल कीजिए।
  • नाम दर्ज है फिर भी फॉर्म 6 भर रहे हैं। रुकिए, और पता बदलने या सुधार के लिए फॉर्म 8 भरिए। दूसरा फॉर्म 6 दोहरी प्रविष्टि बना देता है।
  • ई-KYC की फेस जांच फेल हो रही है। अच्छी रोशनी में फिर कोशिश कीजिए। फिर भी फेल हो, तो फोटो ID लेकर ERO के पास जाइए।
  • फॉर्म सत्यापन पर अटका है। “बीएलओ से कॉल बुक करें” वाली सुविधा (Book a Call with BLO) इस्तेमाल कीजिए और रेफरेंस नंबर तैयार रखिए।
  • SIR के बाद नाम गायब है। लगातार अपडेट की व्यवस्था में फॉर्म 6 और फॉर्म में मांगे गए दस्तावेजों के साथ नए सिरे से आवेदन कीजिए।

ईसीआईनेट की सेवाओं के बारे में शिकायत कहां करें

आयोग तीन रास्ते बताता है, और शिकायतें उसके राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (NGSP 2.0) पर ट्रैक होती हैं:

  • वोटर हेल्पलाइन 1950, सिटीजन सर्विस पोर्टल पर दिखने वाला टोल-फ्री नंबर।
  • राष्ट्रीय संपर्क केंद्र 1800-11-1950, जो रोज सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है। इसके साथ राज्य और जिला संपर्क केंद्र दफ्तर के समय में क्षेत्रीय भाषाओं में काम करते हैं।
  • ईमेल [email protected], और सिटीजन सर्विस पोर्टल पर Register Complaint/ Share Suggestion।

आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत ईसीआईनेट के भीतर सी-विजिल से होती है। नाम जोड़ने या हटाने का विवाद ERO तय करता है, इसलिए अपना रेफरेंस नंबर और दस्तावेज लेकर वहीं जाइए। हेल्पलाइन उसे दर्ज कर सकती है, लेकिन वैधानिक अधिकारी के फैसले को पलट नहीं सकती।

2026 में ईसीआईनेट पर क्या बदल रहा है

यह प्लेटफॉर्म अब अपनी पहली औपचारिक समीक्षा से गुजर रहा है। 26 सितंबर 2026 को आयोग ने कहा कि जमीनी अधिकारियों को उनकी वैधानिक शक्तियों के हिसाब से ईसीआईनेट पर भूमिका-आधारित पहुंच मिली है। एक वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति, जिसमें किसी IIT या IIIT का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ होगा, जांचेगी कि सिस्टम अधिनियमों और नियमों का पालन करता है या नहीं, और आयोग को रिपोर्ट देगी। नए IT मॉड्यूल पहले अधिकारियों की समिति के पास जाएंगे। इन वैधानिक शक्तियों के पीछे का संवैधानिक ढांचा भारत निर्वाचन आयोग नोट में समझाया गया है।

आयोग ECINET ऐप को कॉलेजों तक भी ले जा रहा है। इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट पर उसके क्षेत्रीय सम्मेलन सितंबर 2026 तक पटना, लखनऊ, चेन्नई, मडगांव और अहमदाबाद में हो चुके हैं, और ये ELC 2.0 को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ते हैं। मतदाता के लिए इन सबका काम का सबक छोटा है: अपना खुद का मोबाइल नंबर दर्ज कराइए, फॉर्म 6 और फॉर्म 8 का फर्क समझिए, और किसी दफ्तर जाने से पहले बीएलओ से कॉल बुक कीजिए। मतदाताओं को बाहर किए बिना सूची साफ रखने पर बड़ी बहस मतदाता सूची की शुद्धता पर निबंध में है।

सामान्य प्रश्न

ईसीआईनेट ऐप क्या है?

ईसीआईनेट भारत निर्वाचन आयोग का चुनावी सेवाओं के लिए एक प्लेटफॉर्म है, जो Android और iOS ऐप के रूप में और वेब पर मिलता है। इसमें वोटर हेल्पलाइन ऐप, सी-विजिल और सक्षम जैसे 40 से ज्यादा पुराने ऐप मिला दिए गए, और इसे 22 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।

ईसीआईनेट पर लॉगिन कैसे करें?

एक बार अपने मोबाइल नंबर, चाहें तो ईमेल पते, और कैप्चा से साइन-अप कीजिए, और निवासी या प्रवासी मतदाता चुनिए। इसके बाद अपने दर्ज मोबाइल नंबर, ईमेल ID या एपिक नंबर और आपको भेजे गए OTP से लॉगिन कीजिए।

ईसीआईनेट से अपना ई-एपिक कैसे डाउनलोड करें?

लॉगिन कीजिए, ई-एपिक डाउनलोड का विकल्प खोलिए, अपना एपिक नंबर या फॉर्म रेफरेंस नंबर डालिए और दर्ज मोबाइल पर आया OTP सत्यापित कीजिए। अगर आपका मोबाइल नंबर सूची में नहीं है, तो पहले फेस-लाइवनेस वाला ई-KYC पूरा कीजिए और नंबर अपडेट कीजिए।

क्या ईसीआईनेट पर वोटर कार्ड के आवेदन की कोई फीस है?

पोर्टल वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म या ई-एपिक डाउनलोड के लिए कोई फीस नहीं दिखाता। इन सेवाओं के लिए पैसे मांगने वाले किसी भी एजेंट या वेबसाइट से सावधान रहिए।

बीएलओ से कॉल बुक करने की सुविधा क्या करती है?

इससे आप ईसीआईनेट के जरिए अपने मतदान क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर से कॉल का अनुरोध कर सकते हैं। आयोग ने चुनाव अधिकारियों को ये अनुरोध 48 घंटे के भीतर निपटाने का निर्देश दिया है।

मतदाता सूची में पता बदलने के लिए कौन-सा फॉर्म भरें?

फॉर्म 8 भरिए, जिसमें पता बदलना, प्रविष्टियों में सुधार, नया एपिक और दिव्यांग के रूप में दर्ज करना शामिल है। फॉर्म 6 सिर्फ नए रजिस्ट्रेशन के लिए है।

वोटर ID कार्ड मिलने में कितना समय लगता है?

आयोग के जून 2025 के SOP के तहत मतदाता सूची में अपडेट होने के 15 दिन के भीतर एपिक पहुंचाया जाना है, और हर चरण पर SMS अलर्ट आते हैं। फॉर्म की मंजूरी में कितना समय लगेगा, यह सत्यापन पर निर्भर करता है और पोर्टल पर तय नहीं है।

क्या पश्चिम बंगाल में SIR के लिए ईसीआईनेट इस्तेमाल होता है?

हां। SIR के दौरान बीएलओ ERO के फैसले के लिए दस्तावेज ईसीआईनेट पर अपलोड करते हैं, और पोर्टल पर पिछले SIR में अपना नाम खोजने और नोटिस के जवाब में दस्तावेज जमा करने के लिंक हैं। आयोग के 26 सितंबर 2026 के प्रेस नोट के मुताबिक पश्चिम बंगाल में SIR पूरा हो चुका है, इसलिए वहां छूटे हुए मतदाता अब लगातार अपडेट की व्यवस्था में आवेदन करते हैं।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

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