एसपी की सैलरी कोई एक तय आंकड़ा नहीं है, क्योंकि पुलिस अधीक्षक (SP) को वेतन पद के हिसाब से नहीं, बल्कि भारतीय पुलिस सेवा में अफसर के ग्रेड के हिसाब से मिलता है। IPS (वेतन) नियम, 2016 के तहत जिले के एसपी के पद सीनियर स्केल के पद हैं। इसलिए एसपी वरिष्ठता के हिसाब से लेवल 11 (₹67,700 शुरुआती), लेवल 12 (₹78,800) या लेवल 13 (₹1,23,100) पर वेतन पाता है। लेवल 11 पर एक युवा एसपी को बेसिक और 60% DA मिलाकर ₹1,08,320 मिलते हैं, और इन-हैंड का व्यावहारिक अनुमान इनकम टैक्स से पहले लगभग ₹95,000 से ₹1,20,000 महीना है।
आम उलझन यह है कि एसपी को एक रैंक मान लिया जाता है जिसका अपना पे स्केल हो, जैसे किसी तय सीढ़ी का एक डंडा। ऐसा नहीं है। जिले की कमान संभाल रहे पांच साल वाले अफसर और बारह साल वाले अफसर का रैंक बैज एक ही होता है, लेकिन उनकी सैलरी स्लिप में दसियों हजार रुपये का फर्क होता है। दूसरी उलझन DSP से जुड़ी है, जो एक लेवल नीचे का राज्य का अफसर है। यह नोट पद को पे ग्रेड से अलग करता है और हर आंकड़े का स्रोत देता है।
एसपी की सैलरी एक नजर में
तालिका IPS के वेतन नियमों को आधार बनाती है, क्योंकि जिले के एसपी के पद IPS कैडर के पद हैं, जो उन नियमों की अनुसूची में दर्ज हैं।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | पुलिस अधीक्षक (सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) |
| सेवा | भारतीय पुलिस सेवा (अखिल भारतीय सेवा) |
| वेतन नियम | IPS (वेतन) नियम, 2016, 23 सितंबर 2016 को अधिसूचित |
| एसपी के पदों के पे लेवल | लेवल 11, 12 या 13 (सीनियर स्केल) |
| लेवल 11 पर शुरुआती बेसिक | ₹67,700 |
| 60% DA के साथ बेसिक और DA (लेवल 11) | ₹1,08,320 |
| इन-हैंड अनुमान (लेवल 11) | टैक्स से पहले लगभग ₹95,000 से ₹1,20,000 महीना (अनुमान) |
| भर्ती करने वाली संस्था | UPSC, सिविल सेवा परीक्षा के जरिए |
| अगली रैंक | पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG), लेवल 13A |
एसपी किस पे लेवल पर होता है
एसपी का पे लेवल इस पर टिका है कि अफसर ने कितने साल सेवा की है। IPS (वेतन) नियम, 2016 का नियम 3 ग्रेड तय करता है। नियमों की अनुसूची हर राज्य के पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पदों को उन पदों में गिनाती है जिन पर सीनियर स्केल में वेतन मिलता है।
सीनियर स्केल में तीन ग्रेड हैं, और नियम 3 का नोट 1 हर ग्रेड के लिए जरूरी सेवा तय करता है:
| IPS ग्रेड | पे लेवल | शुरुआती बेसिक | कब पात्र |
|---|---|---|---|
| जूनियर स्केल (ASP) | लेवल 10 | ₹56,100 | भर्ती पर |
| सीनियर टाइम स्केल | लेवल 11 | ₹67,700 | 4 साल |
| जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड | लेवल 12 | ₹78,800 | 9 साल |
| सिलेक्शन ग्रेड | लेवल 13 | ₹1,23,100 | 13 साल |
| DIG (सुपर टाइम स्केल) | लेवल 13A | ₹1,31,100 | 14 साल |
तो पहली बार जिले का एसपी बना अफसर आमतौर पर सीनियर टाइम स्केल में होता है, और दस साल से एसपी के पद संभाल रहा अफसर सिलेक्शन ग्रेड में हो सकता है। रुपयों के आंकड़े 7वें वेतन आयोग के मैट्रिक्स से आते हैं। हर साल 3% का इंक्रीमेंट अफसर को उस लेवल के सेलों में ऊपर ले जाता है।
यह बढ़त अपने आप नहीं होती। नियमों के मुताबिक जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड में नियुक्ति से पहले फेज III मिड-करियर ट्रेनिंग पूरी करनी होती है। सिलेक्शन ग्रेड और उससे ऊपर की नियुक्ति वरिष्ठता का ध्यान रखते हुए मेरिट पर चयन से होती है, और खाली पदों पर टिकी होती है।
ग्रेड के हिसाब से एसपी की सैलरी हर महीने
पुलिस अधीक्षक की सैलरी समझने के लिए तालिका सीनियर स्केल के हर शुरुआती आंकड़े पर केंद्र की DA दर लगाती है। इसमें सिर्फ बेसिक और DA दिखाया गया है, क्योंकि HRA, ट्रांसपोर्ट भत्ता और कटौतियां तैनाती के हिसाब से बदलती हैं।
| ग्रेड | बेसिक पे | 60% पर DA | बेसिक और DA मिलाकर |
|---|---|---|---|
| सीनियर टाइम स्केल (लेवल 11) | ₹67,700 | ₹40,620 | ₹1,08,320 |
| जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (लेवल 12) | ₹78,800 | ₹47,280 | ₹1,26,080 |
| सिलेक्शन ग्रेड (लेवल 13) | ₹1,23,100 | ₹73,860 | ₹1,96,960 |
इस दायरे में सबसे बड़ी छलांग लेवल 12 से लेवल 13 की है, जो बेसिक और DA में ₹70,880 की है। इसीलिए सिलेक्शन ग्रेड वाला एसपी उसी जिले की कमान के लिए नए-नए प्रमोट हुए एसपी से लगभग दोगुना कमा सकता है।
भत्ते और कटौतियां
एसपी की सैलरी स्लिप अखिल भारतीय सेवा के ढर्रे पर चलती है। काम के हिस्से ये हैं:
- महंगाई भत्ता: व्यय विभाग के 22 अप्रैल 2026 के कार्यालय ज्ञापन के तहत 1 जनवरी 2026 से बेसिक का 60%। अखिल भारतीय सेवा के अफसरों को केंद्र की दर पर DA मिलता है।
- विशेष भत्ता: वेतन नियमों की अनुसूची राज्य को सीनियर स्केल के पदों पर विशेष भत्ता देने की छूट देती है: सीनियर टाइम स्केल में ₹600, जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड में ₹800 और सिलेक्शन ग्रेड में ₹1,000।
- सरकारी आवास: जिले के एसपी को आमतौर पर सरकारी आवास मिलता है। इसलिए HRA, जो DA के 50% पार करने के बाद शहर की श्रेणी के हिसाब से बेसिक का 30%, 20% या 10% होता है, आमतौर पर नहीं लिया जाता।
- सरकारी गाड़ी और स्टाफ: ड्यूटी के लिए मिलते हैं। ये काम की सुविधाएं हैं, नकद वेतन नहीं।
- कटौतियां: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली वाले अफसरों के लिए बेसिक और DA का 10% पेंशन अंशदान, ग्रुप बीमा और इनकम टैक्स।
एसपी की इन-हैंड सैलरी: एक हिसाब लगाकर देखिए
यह उदाहरण सीनियर टाइम स्केल में पहली बार जिले का एसपी बने उस अफसर का है जो सरकारी आवास में रहता है। यह एक अनुमान है। इसमें पेंशन अंशदान 10% माना गया है, और ट्रांसपोर्ट भत्ता और टैक्स छोड़ दिए गए हैं।
| हिस्सा | एसपी, लेवल 11 |
|---|---|
| बेसिक पे | ₹67,700 |
| 60% पर DA | ₹40,620 |
| बेसिक और DA मिलाकर | ₹1,08,320 |
| विशेष भत्ता (अगर दिया गया) | ₹600 |
| बेसिक और DA का 10% पेंशन अंशदान | घटाइए ₹10,832 |
| ट्रांसपोर्ट भत्ते और टैक्स से पहले नेट | ₹98,088 |
| टैक्स से पहले इन-हैंड का अनुमानित दायरा | लगभग ₹95,000 से ₹1,20,000 |
ऊपरी सिरा उस एसपी का है जो किसी शहर के मुख्यालय में तैनात है, जहां सरकारी क्वार्टर नहीं है, और जो उसकी जगह HRA लेता है। इस स्तर पर इनकम टैक्स एक असली कटौती बन जाता है, और यह अफसर की चुनी हुई टैक्स व्यवस्था पर टिका है। इसलिए तालिका टैक्स से पहले रुक जाती है।
एसपी कैसे बनें
एसपी की कुर्सी तक दो रास्ते जाते हैं, और दोनों एक ही वेतन नियमों पर पहुंचते हैं।
- IPS में सीधी भर्ती: UPSC की सिविल सेवा परीक्षा पास कीजिए और IPS आवंटित करवाइए। अफसर हैदराबाद की राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण लेता है, जूनियर स्केल में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में काम करता है, और सीनियर टाइम स्केल में पहुंचने के बाद आमतौर पर एसपी के रूप में पहला जिला पाता है। IAS अफसर कैसे बनें वाली गाइड दोनों सेवाओं के साझा परीक्षा रास्ते को समझाती है।
- राज्य पुलिस सेवा से प्रमोशन: जो DSP बढ़कर अपर पुलिस अधीक्षक बनता है, उसे IPS (प्रमोशन द्वारा नियुक्ति) विनियम, 1955 के तहत चयन से IPS में शामिल किया जा सकता है। शामिल होने के बाद अफसर को उन्हीं IPS वेतन नियमों के तहत वेतन मिलता है।
दूसरे रास्ते की वजह से ही पड़ोसी जिलों के दो एसपी की उम्र में दस साल का फर्क हो सकता है। उनका वेतन इस पर टिका है कि शामिल होने या आवंटन के बाद हर एक किस ग्रेड में है, जिले पर नहीं।
एसपी के काम और शक्तियां
एसपी जिला पुलिस का मुखिया होता है। पुलिस अधिनियम, 1861 की धारा 4 जिले में पुलिस का प्रशासन जिला अधीक्षक को सौंपती है, जो जिला मजिस्ट्रेट के सामान्य नियंत्रण और निर्देशन में काम करता है। तब से कई राज्यों ने अपने पुलिस अधिनियम बना लिए हैं, लेकिन जिले का ढांचा उसी ढर्रे पर चलता है।
एसपी के मुख्य काम ये हैं:
- जिले के थानों, सर्किलों और रिजर्व बल की कमान संभालना;
- गंभीर अपराधों की जांच की निगरानी करना और मामलों की प्रगति की समीक्षा करना;
- त्योहारों और चुनावों से लेकर विरोध प्रदर्शनों तक, जिला मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था बनाए रखना;
- जिला बल की तैनाती, अनुशासन और कल्याण का प्रबंधन।
पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली वाले शहरों में यही स्तर का काम पुलिस उपायुक्त (DCP) करता है, और मजिस्ट्रेटी शक्तियां जिला मजिस्ट्रेट के बजाय पुलिस आयुक्त के पास होती हैं। पुलिस सुधार वाला नोट इस बहस को समझाता है, और पुलिस रैंक गाइड इंस्पेक्टर से DGP तक के बैज दिखाती है।
एसपी की तुलना DSP, ASP और मिलते-जुलते पदों से
तालिका एसपी को उन पदों के साथ रखती है जिनसे इसे सबसे ज्यादा गड़बड़ाया जाता है।
| पद | सेवा | पे लेवल | शुरुआती बेसिक |
|---|---|---|---|
| DSP (उत्तर प्रदेश) | राज्य पुलिस सेवा | लेवल 10 | ₹56,100 |
| ASP (IPS प्रोबेशनर और जूनियर अफसर) | IPS | लेवल 10 | ₹56,100 |
| एसपी (सीनियर टाइम स्केल) | IPS | लेवल 11 | ₹67,700 |
| एसपी या SSP (सिलेक्शन ग्रेड) | IPS | लेवल 13 | ₹1,23,100 |
| DIG | IPS | लेवल 13A | ₹1,31,100 |
| जिला मजिस्ट्रेट (IAS, सीनियर स्केल की शुरुआत) | IAS | लेवल 11 या ऊपर | ₹67,700 |
जिला स्तर पर एसपी और जिला मजिस्ट्रेट आमतौर पर मिलते-जुलते लेवल पर होते हैं, क्योंकि जूनियर ग्रेडों में IAS और IPS के वेतन नियम एक-दूसरे जैसे हैं। IAS और IPS अफसर की सैलरी वाला नोट दोनों सीढ़ियों को शीर्ष तक दिखाता है, DSP सैलरी वाला नोट नीचे की राज्य रैंक को समझाता है, और कलेक्टर सैलरी वाला नोट DM को।
8वां वेतन आयोग और एसपी की सैलरी
8वां केंद्रीय वेतन आयोग 3 नवंबर 2025 की अधिसूचना से बना, इसकी अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई हैं, और अक्टूबर 2026 में भी यह परामर्श कर रहा था। IPS का वेतन केंद्र के मैट्रिक्स पर चलता है, इसलिए माना गया संशोधन IPS वेतन नियमों में संशोधन के जरिए एसपी तक पहुंचेगा। तब तक ऊपर दिए गए लेवल 11 से लेवल 13 तक के आंकड़े लागू हैं।
अभ्यर्थी के लिए एसपी का आंकड़ा सैलरी से ज्यादा एक पड़ाव है: वही बैज पांचवें साल में ₹67,700 बेसिक देता है और तेरहवें साल में ₹1,23,100। इस पद को आकर्षक बनाती है जिले की पुलिस की कमान, और IPS में यह जल्दी मिल जाती है।
सामान्य प्रश्न
एसपी की सैलरी हर महीने कितनी होती है?
एसपी की बेसिक पे IPS ग्रेड पर टिकी है। लेवल 11 पर यह ₹67,700 है, और 60% DA के साथ बेसिक और DA मिलाकर ₹1,08,320 होता है। लेवल 13 पर बेसिक और DA मिलाकर ₹1,96,960 होता है। नए एसपी के लिए इन-हैंड का अनुमान टैक्स से पहले लगभग ₹95,000 से ₹1,20,000 है।
पुलिस अधीक्षक किस पे लेवल पर होता है?
IPS (वेतन) नियम, 2016 के तहत जिले के एसपी के पद सीनियर स्केल के पद हैं। यानी अफसर की वरिष्ठता के हिसाब से सीनियर टाइम स्केल में लेवल 11, जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड में लेवल 12 या सिलेक्शन ग्रेड में लेवल 13।
क्या एसपी IPS की रैंक है?
जिले के एसपी के पद IPS कैडर के पद हैं, जो IPS वेतन नियमों की अनुसूची में दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर पर सीधी भर्ती वाले IPS अफसर होते हैं, और कुछ पर राज्य पुलिस सेवा के वे अफसर जो प्रमोशन से IPS में शामिल हुए हैं।
एसपी और SSP में क्या अंतर है?
SSP का मतलब है वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस)। कुछ राज्य बड़े जिलों के लिए यह पदनाम इस्तेमाल करते हैं। दोनों सीनियर स्केल के पद हैं, और वेतन अफसर के IPS ग्रेड पर टिका है, इस पर नहीं कि पदनाम में एसपी लिखा है या SSP।
ज्यादा कौन कमाता है, एसपी या DSP?
एसपी। यूपी का DSP लेवल 10 पर ₹56,100 बेसिक से शुरू करता है, जबकि एसपी कम से कम लेवल 11 पर ₹67,700 के साथ होता है। DSP राज्य पुलिस सेवा का अफसर है, जबकि एसपी IPS कैडर का पद संभालता है।
एसपी बनने में कितने साल लगते हैं?
सीधी भर्ती वाला IPS अफसर चार साल की सेवा के बाद सीनियर टाइम स्केल के लिए पात्र होता है, और आमतौर पर इसी समय एसपी के रूप में पहले जिले की कमान मिलती है। असल समय राज्य कैडर और खाली पदों पर टिका होता है।
एसपी के बाद प्रमोशन क्या है?
अगली रैंक पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) की है, जो लेवल 13A पर ₹1,31,100 की शुरुआती पे के साथ है। IPS वेतन नियम अफसर को चौदह साल की सेवा के बाद DIG के लिए पात्र बनाते हैं, चयन और खाली पदों की शर्त के साथ।
क्या 8वां वेतन आयोग एसपी की सैलरी बदलेगा?
हां, जब सरकार उसकी रिपोर्ट मानकर IPS वेतन नियमों में संशोधन करेगी। आयोग 3 नवंबर 2025 को बना था और अक्टूबर 2026 तक उसकी रिपोर्ट नहीं आई थी।