पटवारी की सैलरी राज्य पर टिकी होती है, क्योंकि पटवारी जिला कैडर का राजस्व कर्मचारी है और उसे राज्य के वेतन नियमों से तनख्वाह मिलती है। राजस्थान इस पद को पे लेवल L-5 पर रखता है, जो ₹20,800 से शुरू होता है। मध्य प्रदेश अपनी 2026 की भर्ती नियम पुस्तिका में अब भी पुराना वेतनमान छापता है: ₹5,200 से ₹20,200 और साथ में ₹2,100 ग्रेड पे। प्रोबेशन खत्म होने के बाद दोनों राज्यों में पटवारी का इन-हैंड लगभग ₹27,000 से ₹33,000 महीना मानना ठीक अनुमान है। लेकिन इसे अनुमान ही समझिए, क्योंकि प्रोबेशन के वेतन नियम, राज्य का DA आदेश और तैनाती का कस्बा, तीनों इसे ऊपर-नीचे करते हैं।
ज्यादातर पाठक एक गलतफहमी लेकर आते हैं। वे मान लेते हैं कि विज्ञापन में जो वेतन छपा है, वही नए पटवारी को पहले महीने से मिलने लगता है। दोनों राज्यों में ऐसा नहीं है। राजस्थान प्रोबेशन के दौरान एक तय मासिक पारिश्रमिक देता है। मध्य प्रदेश में पहले तीन साल का वेतन 2019 के एक अलग आदेश से तय होता है। यह नोट पूरे वेतनमान के आंकड़े उनके स्रोतों के साथ देता है, और प्रोबेशन के नियमों को उनसे अलग रखता है।
पटवारी सैलरी एक नजर में
नीचे का हर वेतन आंकड़ा भर्ती करने वाली संस्था के अपने दस्तावेज से लिया गया है। जहां किसी राज्य का आंकड़ा किसी आधिकारिक सूचना तक नहीं पहुंच सका, वहां तालिका साफ यही बताती है।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| पद | पटवारी, राजस्व विभाग का गांव स्तर का भूमि रिकॉर्ड अधिकारी |
| राजस्थान का पे लेवल | लेवल L-5, ₹20,800 से ₹65,900 (RSSB विज्ञापन 02/2025) |
| मध्य प्रदेश का वेतनमान | ₹5,200 से ₹20,200 और ₹2,100 ग्रेड पे (MP ESB नियम पुस्तिका, 2026) |
| प्रोबेशन का वेतन | राजस्थान: तय मासिक पारिश्रमिक; एमपी: पहले तीन साल 2019 के एक GAD आदेश के तहत |
| प्रोबेशन के बाद इन-हैंड | लगभग ₹27,000 से ₹33,000 महीना (अनुमान) |
| भर्ती करने वाली संस्था | राजस्थान में RSSB; मध्य प्रदेश में कर्मचारी चयन मंडल (ESB) |
| सबसे नई रिक्तियां | राजस्थान: 3,705 पद (2025); एमपी: दिव्यांगजनों के लिए 2026 के विशेष अभियान में 200 पद |
| यूपी में इसके बराबर पद | लेखपाल, लेवल 3 |
वेतन के आंकड़े कहां से आते हैं
हर आंकड़ा सबसे नए भर्ती दस्तावेज से लिया गया है। वजह यह है कि भर्ती करने वाली संस्था वही वेतन छापती है जो विभाग ने मंजूर किया है।
राजस्थान। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के विज्ञापन संख्या 02/2025 पर 20 फरवरी 2025 की तारीख है। इसमें लिखा है कि पटवारी को राज्य के सातवें वेतनमान के तहत पे मैट्रिक्स लेवल L-5 पर वेतन मिलता है। राजस्थान अपना अलग मैट्रिक्स चलाता है, इसलिए राजस्थान पटवारी सैलरी उसी मैट्रिक्स से तय होती है। उसका L-5 कॉलम ₹20,800 से ₹65,900 तक जाता है। उसी शर्त में यह भी लिखा है कि प्रोबेशन के दौरान पटवारी को राज्य के आदेशों से तय एक मासिक पारिश्रमिक मिलता है। यानी L-5 की बेसिक पे प्रोबेशन के बाद ही शुरू होती है।
मध्य प्रदेश। ग्रुप 2 सब-ग्रुप 4 संयुक्त भर्ती परीक्षा 2026 की MP ESB नियम पुस्तिका पटवारी का वेतनमान 2016 से पहले की भाषा में लिखती है: ₹5,200 से ₹20,200 और ₹2,100 ग्रेड पे। उसी नियम पुस्तिका में दूसरी जगह इस पुराने वेतनमान वाले पदों को लेवल 5 कहा गया है, और लेवल 5 के पद ₹22,100 से ₹70,000 पर दिखाए गए हैं। इसका मतलब है कि पूरा वेतनमान लागू होने पर एमपी पटवारी राज्य मैट्रिक्स के लेवल 5 पर आता है। कई कोचिंग तालिकाएं एमपी पटवारी सैलरी ₹19,500 से ₹62,000 बताती हैं। नियम पुस्तिका में यह आंकड़ा लेवल 4 का है, यानी ₹1,900 ग्रेड पे वाले पदों का।
नियम पुस्तिका एक और शर्त जोड़ती है। सीधी भर्ती के बाद पहले तीन साल वेतन सादे वेतनमान से नहीं चलता। तब सामान्य प्रशासन विभाग का पत्र C-3-13/2019/3/1, दिनांक 12 दिसंबर 2019, लागू होता है। उस आदेश का सही प्रतिशत नियम पुस्तिका में नहीं छपा है, इसलिए उसे यहां भी नहीं दोहराया गया है।
भत्ते और कटौतियां
पूरा वेतनमान लागू होने के बाद बेसिक पे में सबसे बड़ा जोड़ DA का होता है। केंद्र सरकार ने 22 अप्रैल 2026 के कार्यालय ज्ञापन से 1 जनवरी 2026 से DA को बेसिक के 58% से बढ़ाकर 60% किया। राज्य अपना DA अपने आदेशों से तय करते हैं। इसलिए 60% का आंकड़ा सिर्फ एक पैमाना है, किसी एक राज्य के लिए वादा नहीं।
बेसिक के अलावा पटवारी के वेतन के आम हिस्से ये हैं:
- महंगाई भत्ता: राज्य के मौजूदा DA आदेश के मुताबिक।
- मकान किराया भत्ता: राज्य की अपनी शहर श्रेणियों के हिसाब से मिलता है; गांव वाली तहसीलों में यह रकम छोटी होती है।
- राज्य के दूसरे भत्ते: राजस्व कर्मचारियों के लिए राज्य जो भी फील्ड भत्ता या वाहन भत्ता अधिसूचित करे।
- कटौतियां: राज्य की योजना के तहत पेंशन अंशदान, ग्रुप बीमा और, इस स्तर पर कभी-कभार ही, इनकम टैक्स।
इन-हैंड सैलरी: एक हिसाब लगाकर देखिए
तालिका राजस्थान के L-5 के शुरुआती सेल पर प्रोबेशन के बाद की एक सैलरी स्लिप का हिसाब लगाती है। यह अनुमान है, सैलरी स्लिप नहीं। इसमें माना गया है कि DA 60% है (यह केंद्र की दर है, जिसे यहां सिर्फ पैमाने के तौर पर लिया गया है), पेंशन के लिए 10% अंशदान कटता है, सरकारी आवास नहीं मिला है और कोई इनकम टैक्स नहीं कटता।
| हिस्सा | रकम |
|---|---|
| बेसिक पे, लेवल L-5 | ₹20,800 |
| 60% की मानी हुई दर पर DA | ₹12,480 |
| बेसिक और DA मिलाकर | ₹33,280 |
| 10% पेंशन अंशदान (माना हुआ) | घटाइए ₹3,328 |
| पेंशन कटौती के बाद | ₹29,952 |
| HRA और दूसरे भत्ते | तैनाती के कस्बे पर निर्भर |
| अनुमानित इन-हैंड | लगभग ₹27,000 से ₹33,000 |
निचला सिरा इस बात की गुंजाइश रखता है कि राज्य की DA दर केंद्र के पैमाने से कम हो। ऊपरी सिरा थोड़ा सा HRA जोड़ता है। अगर किसी राज्य की पेंशन योजना कर्मचारी से कोई अंशदान नहीं लेती, तो इन-हैंड उतनी ही रकम से बढ़ जाता है जितनी कटौती होती। लेवल 5 वाले एमपी पटवारी के लिए ₹22,100 पर यही हिसाब थोड़ा ऊंचा आंकड़ा देता है। लेकिन यह 2019 के आदेश वाले तीन साल पूरे होने के बाद ही लागू होता है।
पटवारी कैसे बनें
दोनों राज्य अब ग्रेजुएट उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा से भर्ती करते हैं, इंटरव्यू से नहीं।
राजस्थान। सिर्फ वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते थे जिन्हें RSSB की समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) 2024 में योग्य घोषित किया गया था। विज्ञापन में पहले 2,020 पद थे। फिर राजस्व मंडल ने संख्या बढ़ाकर 3,705 कर दी, जिनमें 3,183 पद गैर-अनुसूचित क्षेत्रों के और 522 पद अनुसूचित क्षेत्रों के हैं। आवेदन 23 से 29 जून 2025 तक दोबारा खोले गए। चुने गए उम्मीदवारों को जिला कलेक्टर प्रोबेशनर ट्रेनी के रूप में नियुक्त करता है, और भू-राजस्व नियमों के तहत उन्हें छह महीने की ट्रेनिंग मिलती है।
मध्य प्रदेश। 2026 की नियम पुस्तिका ये शर्तें रखती है:
- मध्य प्रदेश का स्थानीय निवासी और भारत का नागरिक होना;
- किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट डिग्री;
- हिंदी टाइपिंग के साथ CPCT स्कोर कार्ड, या तीन साल के प्रोबेशन के भीतर इसे पास करना, नहीं तो नियुक्ति रद्द हो जाती है;
- एमपी के निवासियों के लिए उम्र 18 से 45 साल, जो 1 जनवरी 2026 को गिनी जाती है।
एमपी का 2026 का अभियान दिव्यांगजनों के लिए पटवारी के 200 पदों की विशेष भर्ती है। एमपी की कोई सामान्य पटवारी भर्ती अपनी नियम पुस्तिका में अपनी अलग पद संख्या लेकर आएगी।
MPPSC और RPSC अलग संस्थाएं हैं। वे डिप्टी कलेक्टर जैसे राज्य सेवा के अधिकारियों की भर्ती करती हैं, पटवारियों की नहीं।
पटवारी के काम
पटवारी गांव के भूमि रिकॉर्ड रखता है और राजस्व प्रशासन के लिए मौके पर जाकर तथ्यों की जांच करता है। नागरिक एमपी भूलेख और अपना खाता राजस्थान जैसे पोर्टलों से जो रिकॉर्ड डाउनलोड करते हैं, उनकी शुरुआत पटवारी की दर्ज की हुई प्रविष्टियों से ही होती है।
आम काम ये हैं:
- गांव का खसरा (खेत का रजिस्टर) और अधिकार अभिलेख संभालना;
- जमीन बिकने या विरासत में मिलने पर नामांतरण की रिपोर्ट देना;
- हर मौसम में फसल का निरीक्षण (गिरदावरी) करना;
- प्रमाण पत्रों के लिए और बाढ़ या सूखे के बाद राहत के लिए फील्ड रिपोर्ट देना;
- भू-राजस्व और दूसरी सरकारी बकाया रकम की वसूली में मदद करना।
इन रिकॉर्डों को डिजिटल बनाने का राष्ट्रीय कार्यक्रम भारत में भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन वाले नोट में समझाया गया है।
प्रमोशन और करियर का रास्ता
आमतौर पर पहला कदम राजस्व निरीक्षक का होता है, जो पटवारियों के एक समूह की निगरानी करता है। उसके आगे मध्य प्रदेश एक सीमित विभागीय परीक्षा के जरिए नायब तहसीलदार तक का साफ रास्ता देता है।
MP ESB की 11 सितंबर 2026 की नायब तहसीलदार नियम पुस्तिका उस परीक्षा की शर्तें तय करती है:
- पटवारी या राजस्व निरीक्षक के रूप में (या किसी राजस्व लिपिक पद पर) कम से कम पांच साल की सेवा;
- ग्रेजुएट डिग्री;
- 1 जनवरी 2026 को उम्र 55 साल से ज्यादा न हो;
- तीन से ज्यादा प्रयास नहीं।
2026 की परीक्षा में पटवारी और राजस्व निरीक्षक कैडर से 27 पद हैं, जो लेवल 9, ₹36,200 से ₹1,14,800 पर हैं। विभाग छोड़े बिना पटवारी के लिए वेतन में यही सबसे बड़ी छलांग है।
पटवारी की तुलना मिलते-जुलते पदों से
यह तुलना पटवारी को राजस्व प्रशासन के उन पदों के बगल में रखती है जिनकी जिम्मेदारियां मिलती-जुलती या उससे ऊंची हैं।
| पद | राज्य | पे लेवल | भर्ती का रास्ता |
|---|---|---|---|
| पटवारी | राजस्थान | L-5, ₹20,800 से | RSSB, CET (स्नातक स्तर) के बाद |
| पटवारी | मध्य प्रदेश | ग्रेड पे ₹2,100 (लेवल 5) | MP ESB |
| लेखपाल | उत्तर प्रदेश | लेवल 3, ₹21,700 से | UPSSSC, PET के बाद |
| नायब तहसीलदार | मध्य प्रदेश | लेवल 9, ₹36,200 से | सेवारत कर्मचारियों के लिए सीमित विभागीय परीक्षा (MP ESB) |
लेखपाल सैलरी वाला नोट इसी नौकरी का यूपी वाला रूप समझाता है। इस सीरीज का तहसीलदार और नायब तहसीलदार वेतन वाला नोट अगली सीढ़ी के बारे में बताता है।
8वां वेतन आयोग और पटवारी
8वां केंद्रीय वेतन आयोग 3 नवंबर 2025 की अधिसूचना से बना था। अक्टूबर 2026 में भी वह राज्यों का दौरा कर रहा था और ज्ञापन ले रहा था, और उसकी रिपोर्ट नहीं आई थी। यह आयोग केंद्र का वेतन बदलता है। पटवारी राज्य का कर्मचारी है, इसलिए कोई भी बदलाव इस पद तक तभी पहुंचेगा जब राज्य अपने आदेश से नया मैट्रिक्स अपनाएगा। 8वें वेतन आयोग वाला नोट इसकी समय-सीमा पर नजर रखता है।
उम्मीदवार के लिए फैसला व्यावहारिक है। पटवारी का पद शुरुआत में मामूली वेतन देता है, और प्रोबेशन के दौरान उससे भी कम। लेकिन यह स्थायी नौकरी है, राजस्व प्रशासन की नींव पर है और मध्य प्रदेश में पांच साल की सेवा के बाद लेवल 9 के नायब तहसीलदार पद तक लिखित परीक्षा का रास्ता देता है।
सामान्य प्रश्न
पटवारी की सैलरी हर महीने कितनी होती है?
यह राज्य पर टिका है। राजस्थान लेवल L-5 पर वेतन देता है, जिसकी शुरुआती बेसिक पे ₹20,800 है, लेकिन पहले प्रोबेशन की अवधि तय पारिश्रमिक पर गुजरती है। प्रोबेशन के बाद इन-हैंड लगभग ₹27,000 से ₹33,000 महीना मानना ठीक अनुमान है। असल रकम राज्य के DA और तैनाती के कस्बे पर निर्भर करती है।
एमपी पटवारी की सैलरी कितनी है?
2026 की MP ESB नियम पुस्तिका वेतनमान ₹5,200 से ₹20,200 और ₹2,100 ग्रेड पे छापती है। वही नियम पुस्तिका इसे लेवल 5 पर रखती है, जो ₹22,100 से शुरू होता है। पहले तीन साल वेतन पूरे वेतनमान से नहीं, बल्कि 12 दिसंबर 2019 के एक GAD आदेश से तय होता है।
पटवारी की सैलरी कितनी होती है?
राजस्थान में पटवारी का पे लेवल L-5 है, जिसकी शुरुआती बेसिक पे ₹20,800 है। एमपी में ₹2,100 ग्रेड पे वाला वेतनमान है, लेकिन पहले तीन साल का वेतन 2019 के एक GAD आदेश से तय होता है। प्रोबेशन के बाद इन-हैंड लगभग ₹27,000 से ₹33,000 तक का अनुमान है।
क्या पटवारी को प्रोबेशन के दौरान पूरी सैलरी मिलती है?
राजस्थान और मध्य प्रदेश में नहीं। राजस्थान के विज्ञापन में लिखा है कि प्रोबेशन के दौरान राज्य के आदेशों के मुताबिक तय मासिक पारिश्रमिक मिलता है। मध्य प्रदेश पहले तीन साल के वेतन को सामान्य प्रशासन विभाग के 2019 के एक आदेश से जोड़ता है।
पटवारी पद के लिए योग्यता क्या है?
राजस्थान और मध्य प्रदेश, दोनों में ग्रेजुएट डिग्री जरूरी है। राजस्थान सिर्फ CET (स्नातक स्तर) में योग्य उम्मीदवारों को मौका देता है। एमपी में हिंदी टाइपिंग के साथ CPCT स्कोर कार्ड चाहिए, या प्रोबेशन के भीतर इसे पास करना होता है, और उम्र 18 से 45 साल होनी चाहिए।
2025 में राजस्थान में पटवारी के कितने पद निकले थे?
RSSB ने 20 फरवरी 2025 को पहले पटवारी के 2,020 पद निकाले। फिर राजस्व मंडल ने कुल संख्या बढ़ाकर 3,705 कर दी, जिनमें 3,183 पद गैर-अनुसूचित क्षेत्रों के और 522 पद अनुसूचित क्षेत्रों के थे। जून 2025 में आवेदन दोबारा खोले गए।
पटवारी के बाद प्रमोशन क्या है?
आमतौर पर पहला कदम राजस्व निरीक्षक का होता है। मध्य प्रदेश में पांच साल की सेवा और डिग्री वाला पटवारी या राजस्व निरीक्षक नायब तहसीलदार के लिए सीमित विभागीय परीक्षा दे सकता है। नायब तहसीलदार लेवल 9 का पद है।
क्या 8वां वेतन आयोग पटवारी की सैलरी बढ़ाएगा?
तभी, जब राज्य उसे अपनाए। 8वां केंद्रीय वेतन आयोग केंद्र का वेतन बदलता है, और अक्टूबर 2026 तक उसकी रिपोर्ट नहीं आई थी। पटवारी का वेतन तब बदलता है जब राज्य सरकार अपने संशोधित वेतन नियम जारी करती है।